{"_id":"67ef6892e471bec8640d5291","slug":"ed-raids-in-jharkhand-at-21-places-over-irregularities-in-schemes-related-to-ayushman-bharat-money-laundering-2025-04-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"ED: झारखंड में आयुष्मान भारत से जुड़ी योजनाओं में धांधली का क्या है मामला; तीन राज्यों में ईडी की दबिश क्यों?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ED: झारखंड में आयुष्मान भारत से जुड़ी योजनाओं में धांधली का क्या है मामला; तीन राज्यों में ईडी की दबिश क्यों?
Fri, 04 Apr 2025 10:35 AM IST
अभिषेक दीक्षित
पीटीआई, रांची
पीटीआई, रांची
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Fri, 04 Apr 2025 10:35 AM IST
सार
झारखंड की राजधानी रांची के कई इलाकों में शुक्रवार सुबह से प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम छापेमारी कर रही है। इस साल रांची में यह ईडी की पहली कारवाई है।
विज्ञापन
आयुष्मान योजना
- फोटो : Istock
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को झारखंड में कई स्थानों पर छापेमारी की। छापेमारी आयुष्मान भारत से जुड़ी योजनाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की गई। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, संघीय जांच एजेंसी के अधिकारियों ने करीब 21 स्थानों पर छापेमारी की। जांच केंद्र सरकार की सार्वभौमिक स्वास्थ्य योजना में कुछ कथित अनियमितताओं से संबंधित है।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, ईडी की टीमों की ओर से रांची के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी की जा रही है। टीम एदलहातू, बरियातू, लालपुर, पीपी कंपाउंड, चिरौंदी, अशोक नगर में छापेमारी कर रही है। ज्यादातर कार्रवाई मेडिकल इंश्योरेंस कंपनी के ठिकानों पर की जा रही है।
विज्ञापन
प्रवर्तन निदेशालय ने क्या कहा?
दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) झारखंड में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना घोटाले के संबंध में आज झारखंड, दिल्ली और पश्चिम बंगाल में 21 स्थानों पर पीएमएलए के तहत तलाशी ली जा रही है। ईडी के मुताबिक, छापेमारी वाले परिसर कथित धोखाधड़ी नेटवर्क में प्रमुख संदिग्धों से संबंधित हैं। इनमें सलाहकार, संबद्ध फर्मों के पूर्व अधिकारी, झारखंड राज्य आरोग्य सोसायटी (जेएसएएस) से जुड़े अधिकारी या सलाहकार, थर्ड-पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर (एमडी इंडिया, सेफवे, मेडी असिस्ट जैसे टीपीए) के कर्मचारी, कार्यालय और उनके सहयोगी शामिल हैं। झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के निजी सचिव ओम प्रकाश सिंह से जुड़े परिसर पर भी छापेमारी चल रही है।
विज्ञापन
ईडी की जांच में क्या पता चला?
ईडी ने बताया कि ईडी की जांच से पता चलता है कि आयुष्मान भारत योजना में व्यवस्थित धोखाधड़ी के माध्यम से अपराध की आय पैदा की गई थी। इसमें अस्पताल के पैनल में हेरफेर और कमीशन या किकबैक की मांग करने वाले एक गैंग की ओर से सुगम बनाए गए फर्जी दावों की प्रक्रिया शामिल थी।