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कार्रवाई: झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का की लाखों की संपत्ति जब्त, ईडी ने जमीन बिक्री पर रोक लगाने के लिए जारी किया नोटिस
Thu, 02 Sep 2021 10:00 AM IST
प्रशांत कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: प्रशांत कुमार झा
Updated Thu, 02 Sep 2021 10:00 AM IST
सार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का की 6,25 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क की है, जिन्हें रांची की एक विशेष अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी
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एनोस एक्का, पूर्व मंत्री, झारखंड
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने राज्य के पूर्व मंत्री एनोस एक्का की 6.25 लाख की संपत्ति जब्त की है। मेसर्स एक्का कंस्ट्रक्शन के नाम पर ओरमांझी के कोइलरी में जमीन की खरीद की गई थी। ईडी ने बुधवार को इस जमीन को जब्त करते हुए बिक्री पर रोक संबंधी नोटिस जारी किया है। अचल संपत्ति की बिक्री न हो, इसे लेकर ईडी ने स्थानीय सीओ से भी पत्र जारी किया है।
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बता दें कि ईडी द्वारा दर्ज मनी लाउंड्रिंग के केस में पूर्व मंत्री एनोस एक्का को सात साल की सजा मिल चुकी है, वहीं उन पर दो करोड़ का हर्जाना भी कोर्ट ने लगाया था। हर्जाना की रकम नहीं चुकाने पर एक साल के अतिरिक्ति सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई थी। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने एनोस एक्का के हिनू स्थित मकान समेत कई संपत्तियों को जब्त कर चुकी है। पूर्व मंत्री एनोस एक्का जुलाई 2018 से बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार में बंद थे। गत वर्ष उन्हें एक महीने का पैरोल मिला था और उसके बाद फिर जेल भेजे गए थे।
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मंत्री रहते अवैध तरीके से संपत्ति बनाने का आरोप
एनोस एक्का वर्ष 2005 में पहली बार कोलेबिरा से विधायक बने थे और अर्जुन मुंडा के नेतृत्व वाली सरकार में कैबिनेट मंत्री हुए। इसके बाद फिर से मधु कोडा की सरकार में भी मंत्री रहे। इसी बीच 26 नवंबर 2008 को पूर्व मंत्री एनोस एक्का और उनकी पत्नी मेनोन एक्का सहित परिवार के छह लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत केस दर्ज किया गया। उनपर आरोप था कि उन्होंने मंत्री पद का दुरुपयोग कर भारी मात्रा में चल और अचल संपत्ति बनाई थी।
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