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Jharkhand: झारखंड के राज्यपाल को हटाने की मांग, भाकपा माले ने 'एटम बम' से जुड़ी टिप्पणी पर जताया एतराज
Sat, 05 Nov 2022 10:55 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 05 Nov 2022 10:55 PM IST
सार
भाकपा माले (सीपीआई-एमएल) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि यह बयान झारखंड और एक चुनी हुई सरकार के लिए उपयुक्त नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल इस तरह की टिप्पणी कर राज्य में अस्थिरता का माहौल पैदा कर रहे हैं।
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दीपांकर भट्टाचार्य (फाइल फोटो)
- फोटो : Twitter
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विस्तार
माकपा ने शनिवार को रमेश बैस को झारखंड के राज्यपाल पद से हटाने की मांग की। दरअसल, 26 अक्तूबर को एक टीवी चैनल को दिए एक साक्षात्कार में बैस ने कहा था कि झारखंड में किसी भी समय परमाणु बम विस्फोट हो सकता है। उनका इशारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ लाभ के पद के मामले की ओर था।
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भाकपा माले (सीपीआई-एमएल) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि यह बयान झारखंड और एक चुनी हुई सरकार के लिए उपयुक्त नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल इस तरह की टिप्पणी कर राज्य में अस्थिरता का माहौल पैदा कर रहे हैं। भट्टाचार्य ने कहा कि उनकी पार्टी जल्द ही बैस को हटाने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से संपर्क करेगी। झारखंड विधानसभा में CPIML(L) का एक विधायक है।
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लाभ के पद के मामले में सोरेन को विधानसभा से अयोग्य ठहराने की भाजपा की याचिका के बाद चुनाव आयोग ने 25 अगस्त को झारखंड के राज्यपाल को अपनी सिफारिश भेजी थी, जिससे राज्य में राजनीतिक संकट पैदा हो गया था।
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हालांकि, चुनाव आयोग की सिफारिश को अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि चुनाव आयोग ने खनन पट्टे के संबंध में एक विधायक के रूप में मुख्यमंत्री की अयोग्यता की सिफारिश की है।