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Jharkhand: 'अंडरगारमेंट्स खत्म हो गए थे इसलिए खरीदने दिल्ली गया था', सियासी अटकलों पर बोले सीएम सोरेन के भाई

Thu, 08 Sep 2022 11:18 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: संजीव कुमार झा Updated Thu, 08 Sep 2022 11:18 AM IST
सार

झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने पांच सितंबर को अपनी कुर्सी पर मंडराते संकट के बीच विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया था। उन्हें 48 विधायकों का समर्थन मिला, जो बहुमत के आंकड़े से ज्यादा है।

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CM Hemant Soren brother Basant Soren Says,I had run out of undergarments so I went to Delhi to purchase
वसंत सोरेन - फोटो : ANI

विस्तार

हाल ही में झारखंड में राजनीतिक अस्थिरता के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के भाई और दुमका विधायक बसंत सोरेन दिल्ली की यात्रा पर चले गए थे। ऐसे में सियासी अटकलें तेज हो गई थीं कि आखिर इस मुश्किल घड़ी में वे दिल्ली क्यों गए हैं।  लेकिन अब बसंत सोरेन ने मीडिया के सामने आकर खुद इस मुद्दे पर सफाई दी है। बसंत सोरेन ने कहा कि मेरे पास अंडरगारमेंट्स खत्म हो गए थे, इसलिए मैं उन्हें खरीदने के लिए दिल्ली गया था। मैं उन्हें वहां से ही मंगवाता हूं।

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बसंत सोरेन को 29 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में पेश होना था
दरअसल, खनन लीज मामले में  बसंत सोरेन को 29 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में पेश होना था। अब जब इसी से जुड़ा सवाल उनसे पत्रकारों ने पूछा तो ये अंडर गारमेंट्स वाला जवाब दे गए। उनका जवाब सुनकर वहां पत्रकारों के बीच ठहाके लगने लगे।
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पांच सितंबर को हेमंत सोरेन ने जीत लिया था विश्वासमत
बता दें कि पांच सितंबर को विधानसभा में सीएम सोरेन को उम्मीद के अनुरूप समर्थन हासिल हुआ। 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 48 वोट पड़े। उनकी सरकार को बहुमत के लिहाज से कोई खतरा नहीं था। उन्हें अपनी पार्टी झामुमो के 30, कांग्रेस के 15 (कैश कांड में लिप्त तीन विधायकों को छोड़कर), राजद, भाकपा माले तथा एनसीपी के एक-एक विधायक का समर्थन प्राप्त है। हालांकि, विश्वास प्रस्ताव पारित होने से सोरेन की विधायकी पर आया संकट दूर होने की उम्मीद कम है। क्योंकि इससे संबंधित चुनाव आयोग की सिफारिश पर फैसला राज्यपाल रमेश बैस को करना है।

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