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पंचायत का फरमान, गर्भवती दुष्कर्म पीड़िता के साथ आरोपी चाचा को जिंदा जलाने का आदेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चाईबासा
Updated Thu, 25 Oct 2018 12:24 PM IST
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झारखंड के चाईबासा के मंझारी थाना क्षेत्र में पंचायत ने एक तुगलकी फरमान सुनाया है। 13 साल की मासूम भतीजी को उसके ही चाचा ने हवस का शिकार बनाया। जिसकी वजह से वह गर्भवती हो गई। मामले की जानकारी होने पर गांववालों ने महापंचायत बुलाई। जिसके बाद महापंचायत ने 28 साल के चाचा को दुष्कर्म का आरोपी करार देते हुए 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। इसके बाद आरोपी और पीड़िता को जिंदा जलाने का तुगलकी फरमान सुना दिया।
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जानकारी के अनुसार महापंचायत ने यह फरमान शाम को लगभग 5 बजे सुनाया। इस दौरान 'हो आदिवासी समाज युवा महासभा' के पदाधिकारी और ग्रामीण मौजूद थे। महापंचायत ने दुष्कर्म के आरोपी चाचा को बुलाया था जहां उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। इसी वजह से उसे महापंचायत में सजा सुनाई गई। घटना की जानकारी मिलने पर एसपी क्रांति कुमार ने एसडीपीओ अमर कुमार पांडेय को जांच के आदेश दिए हैं।
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एसपी कुमार का कहना है कि यह काफी गंभीर मामला है। इसकी जांच की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गांववालों के मुताबिक आरोपी रोबिन अपने बड़े भाई के यहां रहता था। इसी बीच आरोपी छठी कक्षा में पढ़ने वाली 13 साल की मासूम भतीजी को डरा-धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म किया करता था। जिसकी वजह से वह गर्भवती हो गई। मामला सामने के बाद भी पंचायत बुलाई गई थी लेकिन उसमें आरोपी पेश नहीं हुआ।
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जानकारी के अनुासर आदिवासी हो समाज युवा महासभा के जिलाध्यक्ष गब्बरसिंह हेम्ब्रम ने फैसला पढ़कर सुनाया था। इस फैसले में कहा गया था कि कोई भी शख्स समुदाय से बढ़कर नहीं होता है। इस तरह की घटना दोबारा घटित न हो इसके लिए ‘हो’ परंपरा और रीति रिवाजों के अनुसार दोनों को जिंदा जलाने का फैसला सुनाया। वहीं पंचों ने इस सामाजिक फैसले का समर्थन किया।