झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को बड़ा झटका, आजसू ने छोड़ा साथ
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झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टी आजसू का गठबंधन टूट गया है। दोनों पार्टियों में सीट बंटवारे पर सहमति न बनने के बाद यह गठबंधन टूटा। अब भाजपा प्रदेश की 80 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। भाजपा की सहयोगी आजसू ने बिना भाजपा से बात किए 12 सीटों पर उम्मीदवारों का एलान कर दिया था। इनमें तीन सीटों पर भाजपा ने भी उम्मीदवारों की घोषणा की थी।
भाजपा ने जारी की तीसरी सूची
झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने अपने प्रत्याशियों की तीसरी सूची जारी कर दी है। 15 प्रत्याशियों की इस सूची में विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव, मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा, अमर कुमार बाउरी समेत पार्टी के छह वर्तमान विधायकों को टिकट दिया गया है।
Bharatiya Janata Party has released third list of candidates for upcoming Jharkhand Legislative Assembly elections. pic.twitter.com/yg9olr2VEG
— ANI (@ANI) November 14, 2019
भाजपा अभी तक 81 में 68 प्रत्याशियों की सूची जारी कर चुकी है। पहली सूची में 52 और दूसरी सूची में महज एक लोहरदगा सीट से प्रत्याशी की घोषणा की गई थी। हुसैनाबाद से भाजपा समर्थित उम्मीदवार विनोद सिंह को भी जोड़ लें तो इनकी संख्या 69 हो जाती है।
अब बस 12 सीटों की घोषणा शेष है। भाजपा की तीसरी सूची में भी मंत्री सरयू राय का नाम नहीं है जिसे लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। मांडर सीट से विधायक गंगोत्री कुजूर का टिकट काट दिया गया है। यहां से देव कुमार धान को भाजपा ने अपना प्रत्याशी बनाया है।
लोजपा भी छोड़ चुकी है भाजपा का साथ
इससे पहले लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) ने भी भाजपा से दूर होने की घोषणा की थी। पार्टी ने कहा था कि वह झारखंड विधानसभा चुनाव अकेले ही लड़ेगी। लोजपा के अध्यक्ष और सांसद चिराग पासवान ने कहा कि पार्टी ने गठबंधन से जिन सीटों की मांग की थी, उनमें से अधिकांश सीटों पर भाजपा, उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है। ऐसे में उनकी पार्टी राज्य में विधानसभा चुनाव अकेले ही लड़ेगी।
चिराग पासवान ने कहा था कि लोजपा इस बार 'टोकन के रूप में दी जाने वाली सीटों' को स्वीकार नहीं करने वाली है। उन्होंने कहा कि हमने गठबंधन के तहत छह सीटों की मांग की थी पर इन सभी सीटों के बारे में रविवार को भाजपा द्वारा उम्मीदवारों की घोषणा की जा चुकी है।
भाजपा नेताओं का मानना है कि क्षेत्रीय दल के पास राज्य में मतदाताओं को देने के लिए कुछ खास नहीं है। भाजपा और लोजपा बिहार में गठबंधन सहयोगी हैं। बिहार में भाजपा की अन्य सहयोगी जद(यू) ने भी झारखंड चुनाव में अकेले उतरने का एलान किया था।