{"_id":"68e3bbf7efe995bbb20d6bf1","slug":"babulal-marandi-got-angry-in-the-meeting-of-simdega-district-administration-accused-soren-government-of-relig-2025-10-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jharkhand : चर्च की सुरक्षा और मतांतरण गिरोह के संरक्षण को लेकर सियासत गर्म, मरांडी ने लगाया पक्षपात का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jharkhand : चर्च की सुरक्षा और मतांतरण गिरोह के संरक्षण को लेकर सियासत गर्म, मरांडी ने लगाया पक्षपात का आरोप
Mon, 06 Oct 2025 06:24 PM IST
तरुणेंद्र चतुर्वेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची/ सिमडेगा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची/ सिमडेगा
Published by: तरुणेंद्र चतुर्वेदी
Updated Mon, 06 Oct 2025 06:24 PM IST
सार
Simdega News : पिछले कुछ वर्षों में झारखंड के विभिन्न जिलों में संताल समाज के जाहिर थान, मांझी थान, सरना-मसना स्थल और हड़गड़ी की जमीनों पर अतिक्रमण की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। सोरेन सरकार धार्मिक पक्षपात कर रही है। यह कहना है झारखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबू लाल मरांडी का। पढ़ें पूरी खबर
विज्ञापन
झारखंड में चंगाई सभा को लेकर भाजपा नेता बाबू लाल मरांडी ने दागे सवाल, सोरेन सरकार को घेरा।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
झारखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सिमडेगा जिला प्रशासन द्वारा चर्च की सुरक्षा को लेकर आयोजित बैठक पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार धार्मिक पक्षपात कर रही है। राज्य के पारंपरिक धार्मिक स्थलों की उपेक्षा कर मतांतरण कराने वाले गिरोहों को संरक्षण दे रही है।
'सरना, मसना और मंदिरों की सुरक्षा को लेकर नहीं उठाया कदम'
मरांडी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में झारखंड के विभिन्न जिलों में संताल समाज के जाहिर थान, मांझी थान, सरना-मसना स्थल और हड़गड़ी की जमीनों पर अतिक्रमण की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इन स्थलों की रक्षा के लिए स्थानीय लोग बार-बार आंदोलन करने को मजबूर हैं, लेकिन सरकार ने आज तक उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की।
मंदिरों पर हमले, पर सरकार मौन
उन्होंने कहा कि राज्य में कई जगहों पर मंदिरों पर बम फेंके जाने, पथराव और मूर्तियों को खंडित करने जैसी घटनाएं हुईं। इसके बावजूद राज्य सरकार ने कभी भी मंदिरों या अन्य धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर धर्मगुरुओं के साथ बैठक नहीं की। मरांडी ने सवाल उठाया कि सिर्फ चर्च की सुरक्षा को लेकर प्रशासन इतना सक्रिय क्यों है? क्या सरकार की यह पहल उन ‘मतांतरण कराने वाले गिरोहों’ को सुरक्षा देने की तैयारी है जो ‘चंगाई सभा’ के नाम पर भोले-भाले आदिवासियों का धर्मांतरण करा रहे हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- LIVE: बिहार में छठ के नौ दिन बाद 6 नवंबर को पहली वोटिंग, 11 को दूसरे चरण का मतदान, नतीजे 14 को
51 प्रतिशत आबादी ईसाई धर्म में परिवर्तित- मरांडी
उन्होंने कहा कि चर्च की साजिश, कुछ “चर्च प्रेमी अफसरों” की भूमिका और “अंधविश्वास फैलाने वाले आयोजनों” की वजह से ही सिमडेगा में लगभग 51 प्रतिशत आबादी ईसाई धर्म में परिवर्तित हो चुकी है। अगर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन वास्तव में राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंतित हैं, तो उन्हें सिर्फ एक धर्म विशेष के बजाय सभी धर्मों की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए। मरांडी ने मांग की कि सिमडेगा में होने वाली इस बैठक का पूरा एजेंडा सार्वजनिक किया जाए या फिर सभी धर्मों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर सामूहिक चर्चा की जाए। यह सरकार धार्मिक सौहार्द को तोड़ने का काम कर रही है।
विज्ञापन
'सरना, मसना और मंदिरों की सुरक्षा को लेकर नहीं उठाया कदम'
मरांडी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में झारखंड के विभिन्न जिलों में संताल समाज के जाहिर थान, मांझी थान, सरना-मसना स्थल और हड़गड़ी की जमीनों पर अतिक्रमण की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इन स्थलों की रक्षा के लिए स्थानीय लोग बार-बार आंदोलन करने को मजबूर हैं, लेकिन सरकार ने आज तक उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की।
विज्ञापन
मंदिरों पर हमले, पर सरकार मौन
उन्होंने कहा कि राज्य में कई जगहों पर मंदिरों पर बम फेंके जाने, पथराव और मूर्तियों को खंडित करने जैसी घटनाएं हुईं। इसके बावजूद राज्य सरकार ने कभी भी मंदिरों या अन्य धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर धर्मगुरुओं के साथ बैठक नहीं की। मरांडी ने सवाल उठाया कि सिर्फ चर्च की सुरक्षा को लेकर प्रशासन इतना सक्रिय क्यों है? क्या सरकार की यह पहल उन ‘मतांतरण कराने वाले गिरोहों’ को सुरक्षा देने की तैयारी है जो ‘चंगाई सभा’ के नाम पर भोले-भाले आदिवासियों का धर्मांतरण करा रहे हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- LIVE: बिहार में छठ के नौ दिन बाद 6 नवंबर को पहली वोटिंग, 11 को दूसरे चरण का मतदान, नतीजे 14 को
51 प्रतिशत आबादी ईसाई धर्म में परिवर्तित- मरांडी
उन्होंने कहा कि चर्च की साजिश, कुछ “चर्च प्रेमी अफसरों” की भूमिका और “अंधविश्वास फैलाने वाले आयोजनों” की वजह से ही सिमडेगा में लगभग 51 प्रतिशत आबादी ईसाई धर्म में परिवर्तित हो चुकी है। अगर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन वास्तव में राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंतित हैं, तो उन्हें सिर्फ एक धर्म विशेष के बजाय सभी धर्मों की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए। मरांडी ने मांग की कि सिमडेगा में होने वाली इस बैठक का पूरा एजेंडा सार्वजनिक किया जाए या फिर सभी धर्मों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर सामूहिक चर्चा की जाए। यह सरकार धार्मिक सौहार्द को तोड़ने का काम कर रही है।