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झारखंड: पूर्व मुख्यमंत्री पर हमले का आरोपी गिरफ्तार, कर रहा था 11 साल से सरकारी नौकरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Updated Tue, 23 Oct 2018 02:54 PM IST
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बाबूलाल मरांडी
- फोटो : PTI
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झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के काफिले पर हमला करने वाले नक्सली माधो मरांडी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। माधो ने पूर्व मुख्यमंत्री के काफिले को उड़ाने के लिए लैंडमाइंस विस्फोट का इस्तेमाल किया था। हैरानी की बात तो ये है कि पुलिस उसे बीते 15 साल से फरार बताती आ रही है। जबकि वह एक सरकारी नौकरी रहा था।
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जानकारी के मुताबिक माधो बीते 11 साल से आंगनबाड़ी में शिक्षक की नौकरी कर रहा था। इस बात का खुलासा उसकी गिरफ्तारी के बाद हुआ। पुलिस का कहना है कि वह अपने काम के बदले नियमित रूप से वेतन भी लेता था। नौकरी के चलते उसे सात बार न केवल चुनाव से संबंधित ड्यूटी मिली बल्कि वह मतदान अधिकारी भी बना।
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सिधवासोती विस्फोट कांड का मुख्य आरोपी है माधो
पुलिस ने माधो को उसके घर पर छापा मारके रविवार की रात गिरफ्तार किया। वह कुबरी गांव का रहने वाला है। वह सिधवासोती विस्फोट मामले में मुख्य आरोपी है।
विस्फोट में हुई थी तीन लोगों की मौत
साल 2003 में बाबूलाल मरांडी राज्य में स्थित सेवाटांड़ और नारोटांड़ गांव में आयोजित जनता दरबार में शामिल होने जा रहे थे। यह इलाका नक्सल प्रभावित है। नक्सलियों ने सिधवासोती के पास लैंडमाइंस बिछा दिया था। जब पूर्व मुख्यमंत्री के काफिले को सिधवासोती जंगल पार करने में महज 10 मिनट बचे थे तभी वहां तीन विस्फोट हो गए। जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। इन तीन लोगों में दो लोग ग्रामीण थे और एक हवलदार था।
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11 साल से कर रहा था सरकारी नौकरी
माधो गैर नियमित शिक्षक के तौर पर साल 2007 से सरकारी नौकरी कर रहा था। इसके अलावा उसे स्कूल की प्रबंधन समिति का अध्यक्ष भी बनाया गया। माधो से जुड़ी एक और महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। बताया जा रहा है कि माधो पर स्कूल का सचिव रहते हुए स्कूल भवन निर्माण के 7 लाख रुपये के गमन का भी आरोप है। इस वहज से आर्थित नियमितता में उसकी कई बार जांच भी की गई है।