इस पुजारी की कहानी सुनकर रो पड़ेंगे आप!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झारखंड के रांची में पुजारी लालमोहन मिश्र आज जीने मरने की लड़ाई लड़ रहे हैं। एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल उन्हें बेहतर इलाज के लिए भेजा जा रहा है लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा है।
परिजनों की आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि वे इलाज का खर्च भी नहीं उठा पा रहे हैं। नौबत यहां तक आ चुकी है कि परिवार के लोग चंदा मांग कर उनका इलाज करा रहे हैं।
पुरारी लालमोहन मिश्रा रविवार को एक हादसे का शिकार हुए थे। हादसे से शायद उभर भी जाते लेकिन व्यवस्था ने उनकी स्थिति को और भी त्रासद बना दिया है।
कैसे हुआ था हादसा?
रविवार को पुजारी लालमोहन मिश्रा का एक एक्सीडेंट हुआ था। दरअसल वे पुलिस की गश्त कर रही गाड़ी से वे घायल हुए थे।
विडंबना इस बात की है कि पुलिस की गश्त कर रही गाड़ी से घायल होने के बावजूद उनकी कोई मदद नहीं की गई। न उन्हें किसी अस्पताल पहुंचाया गया और न ही उन्हें किसी तरह की कोई आर्थिक सहायता दी गई।
गुरुवार को उन्हें गुरुनानक अस्पताल में दाखिल किया गया जहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। पुलिस या प्रशासन ने अब तक उनकी कोई मदद नहीं की है।
अस्पताल में छोड़ भागी पुलिस
पुजारी के मुताबिक वे रविवार को लालपुर से पूजा कर के अपने घर लौट रहे थे। तभी रास्ते में पुलिस की गाड़ी ने उन्हें चपेट में ले लिया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने बवाल किया तो पुलिस की गाड़ी ने उन्हें अस्पताल छोड़ा और वहां से भाग निकली।
यहां तक कि पुजारी के परिवार के लोगों को भी अस्पताल के गार्ड ने सूचना दी।
लालमोहन अपने घर में अकेले कमाने वाले व्यक्ति हैं। और उन्हीं की कमाई से घर चलता है। और इस समय उनकी स्थिति इतनी गंभीर बनी हुई है कि डॉक्टर भी कोई स्थिति साफ नहीं कर रहे हैँ। दूसरी तरफ सुखदेवनगर पुलिस ने इस पूरे मामले से पल्ला झाड़ लिया है।