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रेप पीड़ित बेटी को गोद में लेकर इलाज के लिए घूम रहा बेबस बाप

Sun, 30 Aug 2015 05:30 PM IST
Updated Sun, 30 Aug 2015 05:30 PM IST
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A rape case victim's tragdical story

उसकी हैसियत एक साइकिल खरीदने की भी नहीं है लेकिन मजबूरी में इस बेबस बाप को अपनी नौ साल की बेटी को गोद में लेकर इलाज के लिए अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ते हैं, उस बेटी को जिससे दो महीने पहले बहुत क्रूरता से बलात्कार किया गया।

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हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के अनुसार बीते जुलाई की शुरूआत में इस बच्ची के साथ एक लोकल ड्राइवर ने चॉकलेट का लालच देकर बलात्कार किया और उसे नदी किनारे छोड़कर फरार हो गया। बच्ची के साथ इस कदर क्रूरता की गई थी कि उसकी एक आंत बाहर आ गई। काफी खून बह जाने के कारण वह न चल पा रही थी न खड़ी ही हो पा रही थी। वह जैसे तैसे रेंगते हुए अपने घर पहुंची।
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परिजनों ने उसे एक अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी तबियत और खराब हो गई। जिसके बाद उसे नजदीकी जमशेदपुर में अच्छे इलाज के लिए भेज दिया गया। लेकिन वहां भी डॉक्टर उसका खून बहना नहीं रोक सके जिसके बाद से रांची के अस्पताल भेजा गया।
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रांची के अस्पताल में हुआ बच्ची का इलाज

A rape case victim's tragdical story

वहां उसकी क्षतिग्रस्त आंत को ठीक करने के लिए उसे एक आपरेशन से गुजरना पड़ा। जिसके बाद उसे कुछ राहत ‌मिली। आपरेशन कामयाब होने के बाद डॉक्टरों ने कुछ जांच होने के बाद उसे अस्पातल से छुट्टी दे दी। लेकिन उसके घावों पर रोज मरहम लगाया जाना जरूरी था।
 
बच्ची के पीड़ित पिता कहते हैं कि ''ऐसे में मैं क्या करता न मेरे पास बाइक थी न साइकिल, लेकिन वो मेरी बच्ची है मैं उसे यूं ही नहीं छोड़ सकता। मैं चाहता था कि वो जल्द से जल्द ठीक हो जाए। इसलिए मैं रोज उसे अपनी गोद में लेकर अस्पताल जाता हूं।''

उसके पिता उसे गोद में लेकर रोजाना चार किलोमीटर नजदीकी अस्पताल में इलाज के लिए पैदल जाते हैं। बड़ी दिक्‍कत ये भी है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण यहां पब्लिक ट्रांसपोर्ट की कोई सुविधा नहीं है और उसके पिता की मोटरसाइकिल खरीदने की हैसियत नहीं है।

बेटी को गोद में लेकर ही इलाज के लिए जाता है बाप

A rape case victim's tragdical story

बारिश हो या चाहे कितनी धूप उसके पिता अपनी बीमार बेटी को डॉक्टर के यहां ले जाना नहीं भूलते। बड़ी दिक्‍कत ये है कि बच्ची के पिता घर में अकेले कमाने वाले हैं लेकिन उसके इलाज के लिए रोजाना अस्पताल जाने के कारण वह नियमित काम पर भी नहीं जा पाते नतीजतन उसका इलाज भी प्रभावित हो रहा है।

लेकिन इसके बावजूद भी वह किसी भी तरह से उसका इलाज प्रभावित नहीं होने देने के‌ लिए जतन कर रहे हैं। वो और उनका परिवार अपनी प्यारी बच्ची को खुश रखने के लिए नए कपड़े भी खरीदते हैं और उसके लिए खिलौने भी लाते हैं।

आंखों में आंसु लिए हुए उसके गरीब पिता कहते हैं कि मैं अपनी गरीबी के कारण उसका ढंग से इलाज भी नहीं करवा पा रहा और उसकी वजह से काम पर भी नहीं जा सकता।

अन्य बच्ची से रेप का प्रयास करते पकड़ा गया आरोपी

A rape case victim's tragdical story

मेरे पास बचत के नाम पर जो था मैं वो सब लगा चुका हूं। इस समय मैं गहरे कर्ज में डूबा हुआ हूं। भगवान जाने मुझे अभी कितने दिन और इन हालातों से गुजरना होगा। मेरी इच्छा है कि कोई डॉक्टर घर आकर ही मेरी बेटी की मरहम पट्टी करता रहे, लेकिन शायद हमारे लिए ये एक सपना ही है।

वहीं बच्ची की शिकायत पर पुलिस ने कुछ दिन बाद ही आरोपी व्यक्ति को उस समय गिरफ्तार कर लिया जब वह एक अन्य बच्ची से बलात्कार करने का प्रयास कर रहा था।

वहीं घाटशिला के सब डिविजनल ऑफिसर बीपी सिंह कहते हैं कि 'मुझे उस बच्ची के बारे में जानकारी है मैं अपनी तरह से उसके लिए बेहतर करने का प्रयास कर रहा हूं।'

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