{"_id":"633e8c04-9ab8-11e2-b06d-d4ae52bc57c2","slug":"5000-crore-surrendered-at-the-end-of-financial-year","type":"story","status":"publish","title_hn":"झारखंड: वित्त वर्ष के अंत पर 5000 करोड़ सरेंडर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झारखंड: वित्त वर्ष के अंत पर 5000 करोड़ सरेंडर
रांची/इंटरनेट डेस्क
Updated Mon, 01 Apr 2013 04:09 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्य में वित्तीय वर्ष के अंत पर निर्धारित योजना आकार के मुकाबले करीब 5000 करोड़ रुपए सरेंडर होने का अनुमान है। पिछले साल के मुकाबले यह आंकड़ा दुगने से भी ज्यादा है।
विज्ञापन
पिछले वित्तीय वर्ष 2011-12 में योजना बजट 12232.75 करोड़ रुपए था। इसमें से बजट खर्च 10280.47 करोड़ रुपए रहा था और 1952.282 करोड़ रुपए सरेंडर किए गए थे।
विज्ञापन
साथ ही इस वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन 31 मार्च को ही विभिन्न कोषागारों से करीब 1500 करोड़ रुपए की निकासी की गई। सरकार ने मार्च के अंतिम सप्ताह में विभिन्न विभागों के लिए करीब 3500 करोड़ रुपये की निकासी की स्वीकृति दी थी। ऊर्जा विभाग द्वारा करीब 800 करोड़ रुपये की निकासी की गयी है।
विज्ञापन
इस वित्तीय वर्ष 2012-13 के लिए 16300 करोड़ रुपए का योजना बजट निर्धारित किया गया था। 30 मार्च तक खर्च का आंकड़ा 9000 करोड़ रुपए पहुंच गया था और 31 मार्च की देर शाम तक योजना मद से कुल 10500 करोड़ रुपए खर्च होने की सूचना थी। योजना मद में कुल खर्च 11500 करोड़ रुपए तक आंकड़ा पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।