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लॉकडाउन: नेपाल में फंसे झारखंड के 26 मजदूर पहुंचे भारत, पांच की रैपिड जांच पॉजिटिव
Sat, 22 May 2021 04:09 PM IST
गौरव पाण्डेय
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sat, 22 May 2021 04:09 PM IST
सार
लॉकडाउन के चलते नेपाल में फंसे झारखंड के 26 प्रवासी मजदूर शनिवार को भारत पहुंच गए जोकि बस में सवार होकर दुमका के लिए रवाना हो चुके हैं। भारत आने के बाद की गई रैपिड एंटीजेन जांच में पांच श्रमिकों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है। शाम करीब छह बजे तक सभी के दुमका पहुंचने की उम्मीद है, जिसके बाद उनकी आरटीपीसीआर जांच की जाएगी।
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- फोटो : file
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विस्तार
इन 26 श्रमिकों को नेपाल की सीमा से लेकर शनिवार को सुबह साढ़े दस बजे झारखंड के दुमका के लिए रवाना हुए दंडाधिकारी राकेश कुमार ने को बताया कि भारत की सीमा में पहुंचने पर रैपिड एंटीजेन जांच गई, जिसमें पांच श्रमिकों को कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया। राकेश कुमार ने बताया कि सभी श्रमिकों के साथ वह शाम छह बजे तक दुमका पहुंच जाएंगे।
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इससे पहले शुक्रवार की शाम झारखंड सरकार के प्रवक्ता ने बताया था कि नेपाल में भारतीय दूतावास की पहल पर वहां के सिंधुपालचक जिले के गौरी गांव में फंसे झारखंड के दुमका और आसपास के रहने वाले 26 प्रवासी मजदूरों को भारत वापस लाने की व्यवस्था की गई थी। नेपाल की सीमा से इन्हें लेने के लिए दुमका से एक बस और एंबुलेंस व चिकित्सक रवाना कर दिए गए थे।
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राज्य सरकार ने दावा किया कि मुख्यमंत्री की पहल पर सरकार ने नेपाल में काम करने वाले 26 प्रवासी मजदूरों की सकुशल वापसी के लिए तेजी से कार्रवाई की। इसे लेकर नेपाल सरकार के पदाधिकारियों से राज्य सरकार ने बात की, जिसके बाद नेपाल में काम कर रहे प्रवासी मजदूरों की वापसी संभव हुई। नेपाल गए इन मजदूरों ने सरकार से वतन वापस आने की इच्छा जताई थी।
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उन्होंने कहा था कि वे बीमार हैं और वापस आना चाहते हैं, लेकिन नेपाल में लॉकडाउन के चलते आने के कोई संसाधन उपलब्ध नहीं थे। दुमका जिला प्रशासन द्वारा मजदूरों को वापस लाने के लिए वाहन नेपाल भेजा गया। बस की रवानगी से पूर्व ही नेपाल सरकार की स्वीकृति प्राप्त कर ली गई थी। उन्होंने कहा कि आवश्यक होने पर कोरोना पीड़ित श्रमिकों के पृथक-वास का प्रबंध भी प्रशासन करेगा।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि नेपाल से वापस आने वाले मजदूरों को दुमका के इंडोर स्टेडियम में लाया जाएगा जहां उनके स्वास्थ्य की जांच की जाएगी फिर उन्हें उनके गंतव्य तक भेजा जाएगा।
इससे पहले गुरुवार को झारखंड के 26 मजदूर नेपाल के सिंधुपालचक जिले के गौरी गांव में फंस गए थे और वहां से उन्होंने एक वीडियो संदेश भेजकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से स्वदेश लाए जाने की अपील की थी। सभी मजदूर लगभग ढाई माह पूर्व एक ठेकेदार के साथ नेपाल के गौरी गांव में एल एंड टी कंपनी द्वारा बनाए जा रही एक जलविद्युत परियोजना में काम करने गए थे।