झारखंड मॉब लिंचिंग: अबतक पांच आरोपी गिरफ्तार, एसआईटी का गठन
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झारखंड में 22 साल के युवक की रविवार को स्थानीय लोगों ने बुरी तरह पिटाई कर दी। उसे बाद में चोरी के शक में पुलिस के हवाले कर दिया गया। यह घटना सरायकेला खारसवानंद में घटित हुई। पीड़ित की पहचान तबरेज के तौर पर हुई है। उसे रविवार सुबह पहले सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में उसे जमशेदपुर के टाटा अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही दो पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड भी कर दिया गया है।
घटना को लेकर तबरेज के परिवार का कहना है कि यह सांप्रदायिक हमला था और उससे जबरन जय श्रीराम और जय हनुमान के नारे लगाने के लिए कहा गया। तबरेज के रिश्तेदार मकसूद आलम ने कहा, 'कुछ स्थानीय लोगों ने तबरेज की पिटाई की और फिर उसे पुलिस के हवाले कर दिया। उसपर चोरी का शक जताया गया जबकि यह सांप्रदायिक हमला था। उसे इसलिए मारा गया क्योंकि वह मुस्लिम था। उन्होंने उससे बार-बार जय श्रीराम और जय हनुमान के नारे लगवाए।'
Maqsood Alam, relative of Tabrez: They thrashed him & later gave him to police. He was suspected of theft but it was a communal attack. He was beaten because he had a Muslim name. They made him chant 'Jai Shri Ram' & 'Jai Hanuman' again & again. I demand the culprits be arrested pic.twitter.com/aTWLjrUkAg
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) June 24, 2019
उन्होंने आगे कहा, 'हमें अस्पताल में उससे मिलने तक नहीं दिया गया। हमारे पास घटना का वीडियो है। मैं चाहता हूं कि आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए।' दूसरे रिश्तेदार ने कहा, 'हम चाहते हैं
कि उस समय ड्यूटी पर मौजूद पुलिस के खिलाफ कार्रवाई हो।' मामले को लेकर पुलिस का कहना है कि एफआईआर दर्ज हो चुकी है और आगे की जांच की जा रही है।
मारे गए युवक के परिजनों ने इस मामले में आरोपियों को सख्त सजा और परिवार को मुआवज व पत्नी को नौकरी देने की मांग की है।
Jharkhand: Family of Tabrez, who was beaten up by locals in Saraikela Kharsawan on suspicion of theft, arrested and later died in a hospital, say they want that those responsible be tried under IPC Sec 302 (Punishment for murder), also demand compensation & govt job for his wife. pic.twitter.com/5xmZuDd2N5
— ANI (@ANI) June 24, 2019
एसआईटी का गठन
पुलिस अधीक्षक कार्तिक एस ने बताया कि मामले की जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया गया है और इसने पहले ही रविवार रात में इलाके में छापेमारी की है। एसपी ने कहा कि पापु मंडल को गिरफ्तार कर लिया गया है और घटना की जांच की जा रही है।
इस घटना के एक वीडियो में भीड़ द्वारा अंसारी पर कथित तौर पर जबरन धार्मिक नारे लगवाने के लिए दबाव डाला जा रहा है। इस बारे में पूछे जाने पर कार्तिक एस ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने का मामला दर्ज किया गया है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था।
एआईएमआईएम के नेता और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने घटना को लेकर कहा, 'भीड़ हिंसा की घटनाएं बंद होने वाली नहीं हैं क्योंकि भाजपा और आरएसएस ने मुस्लिमों के खिलाफ नफरत बड़ा दी है। उन्होंने सफलतापूर्वक इस तरह की मानसिकता पैदा कर दी है जहां मुस्लिमों को आतंकी, भारत विरोधी और गोहत्या करने वाले के तौर पर देखा जाता है।'
झारखंड के मंत्री सीपी सिंह ने घटना पर कहा, 'इन दिनों इस तरह की घटनाओं को भाजपा, आरएसएस, वीएचपी और बजरंग दल से जोड़ने का ट्रेंड चल पड़ा है। यह समय दोषारोपण का है। कोई कहां किस शब्द को जोड़ देगा यह कहना मुश्किल है। सरकार को जांच करानी चाहिए। इस तरह की घटनाओं के राजनीतिकरण करने की प्रवृत्ति गलत है।'