{"_id":"5e8853708ebc3e7607033311","slug":"vaisakhi-fest-postpone170","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"डेरा बाबा में बैसाखी पर नही लगेगा ऐताहासिक मेला","category":{"title":"Local","title_hn":"लोकल","slug":"local"}}
डेरा बाबा में बैसाखी पर नही लगेगा ऐताहासिक मेला
विज्ञापन
डेरा बाबा गुरद्वारे का अंदुरनी भाग।
- फोटो : AMAR UJALA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रियासी। बाबा बंदा बहादुर सिंह की तपोस्थली डेरा बाबा में बैसाखी के अवसर पर हर वर्ष लगने वाला ऐताहासिक मेला इस वर्ष कोरोना वायरस की वजह से स्थिगत कर दिया गया है। इस से पहले ज़िला के श्री माता वैष्णों देवी कटड़ा तथा श्री शिवखोड़ी धाम में आने वाली यात्रा पर भी रोक लगाई गई है। डेरा बाबा में हर वर्ष बैसाखी के अवसर पर तीन दिवसीय वार्षिक मेला लगाया जाता है। जहां पर दो सौ वर्ष पुराना गुरुद्वारा है जहां पर बाबा बंदा बहादुर सिंह ने एक बट वृक्ष के नीचे बैठ कर तपस्या की थी। मजूदा समय के दौरान डेरा बाबा का गुरुद्वारा अपना रूप काफी बदल चुका है इसका ऊपरी हिस्सा सोने से बन गया है। गुरुद्वारे के अंदर के हिस्से में बाबा बंदा बहादुर सिंह के अस्त्र शस्त्र भी रखे है जो उन्होंने युद्ध के समय दुश्मनों को पराजित करने के काम लाये थे। डेरा बाबा में लगने वाले मेले में हर वर्ष प्रदेश जम्मू कश्मीर के अलावा पंजाब हरियाणा रोहतक दिल्ली चंडीगढ़ व अन्य स्थानों से सिख संगत के अनुयायी पहुंच कर अरदास करते व माथा टेकते थे। गुरु महिमा का गुणगान भी रागी जत्थों की तरफ से किया जाता था। लंगर की भी सुविद्या दी जाती थी। डेरा के दसवें गद्दीनशीन बाबा जतिंदर सिंह सोढ़ी ने बताया कि केंद्र सरकार के दिशा निर्द्वश पर मेले को स्थिगत किया गया है। उन्होंने लोगों से अनूरोध किया कि वह अपने अपने घरों में रह कर गुरु महिमा का गुणगान करें। वार्षिक दंगल को भी इस वर्ष नही करवाया जाएगा।
विज्ञापन
गुरद्वारे का बाहरी हिस्सा।
- फोटो : AMAR UJALA
गुरद्वारे का बाहरी हिस्सा।
विज्ञापन
विज्ञापन
गुरद्वारे का ऊपरी भाग।
- फोटो : AMAR UJALA
गुरद्वारे का ऊपरी भाग।
मजूदा गद्दीनशीन बाबा जतिंदर पाल सिंह सोढ़ी।
- फोटो : AMAR UJALA
मजूदा गद्दीनशीन बाबा जतिंदर पाल सिंह सोढ़ी।