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ट्रिप्पल राइडिंग पर शिंकजा नहीं
अमर उजाला ब्यूरो/जम्मू
Updated Fri, 15 May 2015 02:30 PM IST
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शहर में बढ़ती ट्रिप्पल राइडिंग हादसों का कारण बन रही है। आएं दिन इसकी वजह से हादसे हो रहे हैं।
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ट्रिप्पल राइडर खुद के साथ - साथ दूसरों की जान भी जोखिम में डाल रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस का यह हाल है कि अगर कोई शिकंजे में आ गया तो ठीक नहीं तो राम भरोसे। शहर में युवा वर्ग के अलावा कुछ समझे सुलझे लोग भी अपने बीवी बच्चों को ट्रिप्पल राइडिंग करने से परहेज नहीं करते हैं।
युवा वर्ग का ट्रिप्पल राइडिंग करना ज्यादा जोखिम भरा है क्योंकि एक तो उनकी तरफ से बहुत रफ ड्राइविंग की जाती है। दूसरा अगर कहीं ट्रैफिक पुलिस का नाका सामने आ जाए तो वे रांग साइड से गुजरने या तेज गति में गुजरने से भी नहीं डरते हैं।
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जीएमसी में पहुंचने वाले सड़क हादसों में जिन दो पहिया वाहन चालकों की मौत होती है उनमें अधिकतर वे लोग होते हैं, जोकि बिना हेलमेट के होते हैं या फिर बाइक स्लिप होने से घायल हो जाते हैं। अभिभावकों की ओर से भी अपने लाडलों को छोटी उम्र में ही वाहन पकड़ा दिए जाते हैं और उनकी जिंदगी जोखिम में डाल देते हैं।
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ट्रिप्पल राइडिंग में स्कूल, कालेज के युवा अधिकतर है। एसएसपी ट्रैफिक मोहन लाल के मुताबिक नियमों का पालन करना सभी लोगों के लिए जरूरी है। अभिभावकों के लिए जरूरी है कि अपने बच्चे को तब तक वाहन न थमाएं तब उन्हें इस बात यकीन न हो जाए, कि वे अच्छे चालक बन चुके हैं।