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कामनवेल्थ में चमकेंगी रियासत की बेटियां
Jammu
Updated Wed, 23 Jul 2014 05:30 AM IST
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जम्मू। स्काटलैंड के ग्लासगो शहर में 23 जुलाई से हो रही कामनवेल्थ गेम्स में राष्ट्रीय रिधमिक जिमनास्टिक टीम में शामिल रियासत की वंडर गर्ल मिताली और पलक कौर बिजराल से उनके अभिभावकों सहित राज्यवासियों को काफी उम्मीदें हैं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी राज्य की दोनों बेटियों की प्रशंसा कर चुके हैं।
कश्मीर के एक छोटे से कसबे से निकले परवेज रसूल के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिताली और पलक कौर दुनिया में अपना नाम रोशन करने की तैयारी में हैं। मिताली की मां मधु बाला ने कहा कि यह रियासत के लिए गौरव की बात है कि उनकी बेटी इस मुकाम तक पहुंचकर कुछ कर दिखाना चाहती है। मिताली ने यहां पहुंचने के लिए कई कठिनाइयों का सामना किया है। उन्होंने उम्मीद जताई की कि मिताली अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमाल दिखाएगी।
पलक कौर बिजराल के पिता देवेंद्र सिंह ने कहा कि राज्य में युवा प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन कमजोर खेल ढांचे के कारण ऐसी प्रतिभा पूरी तरह से बाहर नहीं निकल पाई है। सरकार को खेल क्षेत्र को मजबूत बनाने पर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह देश और राज्य के लिए खुशी की बात है कि पलक राष्ट्रीय टीम में देश का प्रतिनिधित्व कर रही है। माता हरविंदर कौर और बड़ी बहन कारमन कौर ने भी बेटी के इस मुकाम तक पहुंचने के लिए खुशी जताई है।
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पलक ने हाल ही में 12वीं की परीक्षा पास की है और मिताली स्नातक दूसरे वर्ष की छात्रा है। जिमनास्टिक कोच एसपी सिंह ने कहा कि मिताली और पलक कौर कामनवेल्थ गेम्स में टीम चैंपियनशिप के अलावा व्यक्तिगत वर्ग में हूप, बाल, रिबन और क्लब्स प्रतियोगिता में शिरकत करेगी। राष्ट्रीय टीम के साथ जम्मू से जिमनास्टिक कोच अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित कृपाली सिंह कोच के तौर पर प्रतिनिधित्व कर रही हैं। राष्ट्रीय टीम में मिताली और पलक के अलावा पंजाब की खिलाड़ी प्रभजोत शामिल है। कामनवेल्थ गेम्स में रियासत के जीएस बख्शी को हाकी पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।
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कश्मीर के एक छोटे से कसबे से निकले परवेज रसूल के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिताली और पलक कौर दुनिया में अपना नाम रोशन करने की तैयारी में हैं। मिताली की मां मधु बाला ने कहा कि यह रियासत के लिए गौरव की बात है कि उनकी बेटी इस मुकाम तक पहुंचकर कुछ कर दिखाना चाहती है। मिताली ने यहां पहुंचने के लिए कई कठिनाइयों का सामना किया है। उन्होंने उम्मीद जताई की कि मिताली अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमाल दिखाएगी।
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पलक कौर बिजराल के पिता देवेंद्र सिंह ने कहा कि राज्य में युवा प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन कमजोर खेल ढांचे के कारण ऐसी प्रतिभा पूरी तरह से बाहर नहीं निकल पाई है। सरकार को खेल क्षेत्र को मजबूत बनाने पर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह देश और राज्य के लिए खुशी की बात है कि पलक राष्ट्रीय टीम में देश का प्रतिनिधित्व कर रही है। माता हरविंदर कौर और बड़ी बहन कारमन कौर ने भी बेटी के इस मुकाम तक पहुंचने के लिए खुशी जताई है।
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पलक ने हाल ही में 12वीं की परीक्षा पास की है और मिताली स्नातक दूसरे वर्ष की छात्रा है। जिमनास्टिक कोच एसपी सिंह ने कहा कि मिताली और पलक कौर कामनवेल्थ गेम्स में टीम चैंपियनशिप के अलावा व्यक्तिगत वर्ग में हूप, बाल, रिबन और क्लब्स प्रतियोगिता में शिरकत करेगी। राष्ट्रीय टीम के साथ जम्मू से जिमनास्टिक कोच अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित कृपाली सिंह कोच के तौर पर प्रतिनिधित्व कर रही हैं। राष्ट्रीय टीम में मिताली और पलक के अलावा पंजाब की खिलाड़ी प्रभजोत शामिल है। कामनवेल्थ गेम्स में रियासत के जीएस बख्शी को हाकी पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।