{"_id":"27-40804","slug":"Jammu-40804-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन लाख लूटने के लिए चलाई गोली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन लाख लूटने के लिए चलाई गोली
Jammu
Updated Sun, 24 Nov 2013 05:43 AM IST
विज्ञापन
जम्मू। नरवाल में ट्रांसपोर्टरों पर गोली चलाने के पीछे मकसद गाड़ियों के कांटे पर भार तोलन से अर्जित किए गए तीन लाख रुपये को लूटने का था। उनका ट्रांसपोर्ट का भी काम है।
इस गोलीकांड में बाल-बाल बचे भूपेंद्र सिंह ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि उनके पास तीन लाख रुपये नकदी थी। हमलावर मनमोहन सिंह उर्फ जज्जी और काका कार से आ रहे थे। जैसे ही वह नरवाल पुल के नजदीक पहुंचे तो उनकी बाइक को रोक दिया। कार आगे खड़ी कर दी और उनसे गालीगलौज करने लगे। उन्हें पता था कि जज्जी पहले से ही अपराधी है और नौ साल जेल भी काट कर आया है। बाइक पर सवार प्रभजोत नीचे उतरकर कार के पास गया और उनसे बड़ी विनम्रता से बात की लेकिन दोनों हमलावरों ने काफी शराब पी रखी थी। काका ने रिवाल्वर निकाली और धमकाना शुरू कर दिया। इसी बीच, जज्जी ने भी अपनी रिवाल्वर निकालकर फायर कर दिया। जो प्रभजोत को जा लगा। हमलावरों ने भूपेेंद्र पर भी गोलियां दागनी शुरू कर दी। करीब पांच फायर किए। जिससे वह बाल बाल बच गया। प्रभजोत भी किसी तरीके से जान बचाने मेें सफल रहा। पहली गोली शीशा तोड़कर बाहर आई। प्रभजोत के खून के छींटे कार पर भी लगे। हमलावर कोई भी काम नहीं करते हैं। उनका काम ही लोगों से रुपया लूटना है। पुलिस के अनुसार रुपये लूटने के इरादे से ही गोलियां चलाई गईं। भूपेंद्र से पहले भी रुपये का लेनदेन था। फिलहाल आरोपियों की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन
इस गोलीकांड में बाल-बाल बचे भूपेंद्र सिंह ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि उनके पास तीन लाख रुपये नकदी थी। हमलावर मनमोहन सिंह उर्फ जज्जी और काका कार से आ रहे थे। जैसे ही वह नरवाल पुल के नजदीक पहुंचे तो उनकी बाइक को रोक दिया। कार आगे खड़ी कर दी और उनसे गालीगलौज करने लगे। उन्हें पता था कि जज्जी पहले से ही अपराधी है और नौ साल जेल भी काट कर आया है। बाइक पर सवार प्रभजोत नीचे उतरकर कार के पास गया और उनसे बड़ी विनम्रता से बात की लेकिन दोनों हमलावरों ने काफी शराब पी रखी थी। काका ने रिवाल्वर निकाली और धमकाना शुरू कर दिया। इसी बीच, जज्जी ने भी अपनी रिवाल्वर निकालकर फायर कर दिया। जो प्रभजोत को जा लगा। हमलावरों ने भूपेेंद्र पर भी गोलियां दागनी शुरू कर दी। करीब पांच फायर किए। जिससे वह बाल बाल बच गया। प्रभजोत भी किसी तरीके से जान बचाने मेें सफल रहा। पहली गोली शीशा तोड़कर बाहर आई। प्रभजोत के खून के छींटे कार पर भी लगे। हमलावर कोई भी काम नहीं करते हैं। उनका काम ही लोगों से रुपया लूटना है। पुलिस के अनुसार रुपये लूटने के इरादे से ही गोलियां चलाई गईं। भूपेंद्र से पहले भी रुपये का लेनदेन था। फिलहाल आरोपियों की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन