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नई परियोजनाएं शुरू करने को चार माह का समय

Wed, 05 Jun 2013 05:30 AM IST
Jammu
Jammu Updated Wed, 05 Jun 2013 05:30 AM IST
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जम्मू। जिला विकास बोर्डों की बैठकें निर्धारित समय पर नहीं होने से नई विकास परियोजनाओं को अमलीजामा नहीं पहनाया जा रहा। बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं से संबंधित परियोजनाओं पर इसका असर पड़ना तय है। कुल मिलाकर सरकार के पास नये विकास कार्य शुरू करने के लिए चार महीने का समय ही शेष है। वित्त वर्ष 2013 - 14 शुरू होने के बाद दो महीने अर्सा बीत चुका है, बोर्ड की बैठकें शुरू होने के बाद ही इनमें लिए लिए गए फैसलों की मंजूरी को भी दो महीने का समय और लगेगा। अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर आचार संहिता लागू होने से भी दो महीने काम नहीं होगा और दो महीने चुनाव की तैयार में प्रशासन जुटा रहेगा।
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आलम यह है कि अभी तक जम्मू डिवीजन में किसी भी जिला विकास बोर्ड की बैठक नहीं हुई। कश्मीर में भी सिर्फ दो जिलों के ही विकास बोर्डों की बैठकें होने के बाद यह प्रक्रिया ठप है। खास बात यह है कि अभी तक योजना आयोग की तरफ से राज्य का वार्षिक प्लान ही फाइनल नहीं हुआ है। जाहिर तौर पर इसका असर जारी वित्त वर्ष में विकास कार्यों पर पड़ेगा। राज्य सरकार द्वारा फंड का उचित इस्तेमाल नहीं होने की वजह से ही पिछले वर्ष के वार्षिक प्लान में केंद्र सरकार ने 2300 करोड़ रुपये की कटौती कर दी है। वहीं, राज्य के वित्त एवं योजना राज्य मंत्री डॉ. मनोहर लाल शर्मा का कहना है कि योजना विभाग ने बाकायदा जिला विकास बोर्डों की बैठकों का शेडयूल तय किया था, लेकिन डोडा और किश्तवाड़ जिलों में आए भूकंप की वजह से कई मंत्रियों की प्रभावित इलाकों में व्यस्तता की वजह से इसमें देरी हुई। जल्द ही बैठकें आयोजित की जाएगी।
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पैंथर्स विधायक दल के नेता एडवोकेट हर्ष देव सिंह का कहना है कि जम्मू कश्मीर जैसे राज्य में वर्किंग सीजन कम होने के बावजूद राज्य सरकार निर्धारित समय पर जिलों का प्लान फाइनल करने में नाकामयाब साबित हुई है। उन्हाेंने सवाल उठाया कि सरका अब अवाम के साथ कैसे इंसाफ करेगी। दो महीने का समय बीत चुका है। अगर जून में भी बैठकें होती है, तो एक महीने का समय प्रशासन मिनट तैयार कराने और एक महीने का समय इनकी चेयरमैन से मंजूरी लेने पर लगा देता है। हर्ष देव सिंह के मुताबिक इस स्थिति में बचे आठ महीनों में भी सिर्फ चार महीने ही काम होगा। अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर दो महीने तैयारी और दो महीने आचार संहिता में ही व्यर्थ हो जाएंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री और जम्मू वेस्ट से विधायक प्रो. चमन लाल गुप्ता ने भी जिला विकास बोर्डों की बैठकों में देरी के लिए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया।
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भाजपा अध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा का कहना है कि सरकार के मंत्री और मुख्यमंत्री रैलियां और जनसभाआें में मस्त है। इनको राज्य के विकास की कोई चिंता नहीं। कांग्रेस और नेकां के मंत्री सिर्फ अपने विधानसभा क्षेत्रों के मंत्री बनकर ही रह गए है। किसी को जिला विकास बोर्डों की बैठकों की कोई चिंता नहीं। इसका नुकसान आम आदमी को होगा। शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार बैठकें नहीं करवा रहीं, क्याेंकि सरकार की मंशा है कि चुनाव होने की सूरत में मर्जी से ही वह फंड का इस्तेमाल बगैर जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लिए बगैर कर सके।
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