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सबूत के अभाव में हत्या के आरोप से बरी किया
Jammu
Updated Fri, 23 Nov 2012 12:00 PM IST
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जम्मूू। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश उधमपुर एके कौल ने हनुमान मंदिर के बाबा राम प्रसाद दास पुजारी की हत्या के आरोपों से अंकुश कुंडल उर्फ अंकुर निवासी मंथल कटड़ा को बरी कर दिया।
पुलिस केस के अनुसार 24 फरवरी 2011 को टिकरी पुलिस पोस्ट को मौखिक रिपोर्ट मिली कि बाबा राम प्रसाद क्षेत्र के हनुमान मंदिर का पुजारी है और पिछले 36 सालों से रह रहा है। वह मंदिर से 23 फरवरी 2003 को लापता हुआ और 24 फरवरी सुबह उसका शव बरामद किया गया। मंदिर में खून से लथपथ उसका शव बरामद करने के दौरान पुलिस को हत्या का शक हुआ। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पाया कि आरोपी ने 15 फरवरी को सुंदरबनी मंदिर के बाबा गोपाल गिरी से अप्रोच की। जहां वह दो दिन तक रहा। वहां से वह सीधा मंदिर में गया, जहां पुजारी था। aमंदिर में होनी वाली पूजा पाठ में हिस्सा लेकर आरोपी ने पुजारी का विश्वास जीता। एक दिन 21 फरवरी को आरोपी ने मृतक पर हमला कर दिया और उसे जमीन गिराकर उसके सिर पर वार किया। उसने दराती से कई वार किए और हत्या करके फरार हो गया। उसने शव को बोरे में बंद कर दिया। जमीन पर बिखरे खून को धो डाला। मृतक की चाबी ली और उसके कमरे का लाक खोला। कमरे से 42 हजार रुपये चुरा लिए और घटनास्थल से फरार हो गया। मंदिर को भी बाहर से लाक कर दिया। वन विभाग की इमारत में उसने खून से लथपथ धोती और चाबियों का गुच्छा फेंक दिया। इसके बाद आरोपी हमदर्द मुस्लिम होटल में गया और कुछ वहीं पर ठहरा। सूर्या इलेक्ट्रानिक्स जम्मू से दो मोबाइल फोन खरीदे। उसने एक फोन एक युवक आमिर खान को बेच दिया। इसके बाद वह हिमाचल प्रदेश के एक होटल मेें तीन दिन रहा। वह एक ट्रक का कंडक्टर भी था। जांच के बाद पाया आरोपी ने 42 हजार चोरी करने के इरादे से पुजारी की हत्या कर दी। प्रधान न्यायालय ने पाया पुलिस ने इस केस में कई मौखिक और हत्या के बाद के सबूत दिए हैं, लेकिन अपराध से जुड़ा कोई भी सबूत नहीं दिया है। पुलिस को चाहिए कि पूरे केस में गवाह और सबूत पूरे होने चाहिए। कोई भी लिंक मीसिंग नहीं होना चाहिए। इसलिए शक का लाभ देते हुए आरोपी को बरी करने के आदेश जारी किए। जेएनएफ
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पुलिस केस के अनुसार 24 फरवरी 2011 को टिकरी पुलिस पोस्ट को मौखिक रिपोर्ट मिली कि बाबा राम प्रसाद क्षेत्र के हनुमान मंदिर का पुजारी है और पिछले 36 सालों से रह रहा है। वह मंदिर से 23 फरवरी 2003 को लापता हुआ और 24 फरवरी सुबह उसका शव बरामद किया गया। मंदिर में खून से लथपथ उसका शव बरामद करने के दौरान पुलिस को हत्या का शक हुआ। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पाया कि आरोपी ने 15 फरवरी को सुंदरबनी मंदिर के बाबा गोपाल गिरी से अप्रोच की। जहां वह दो दिन तक रहा। वहां से वह सीधा मंदिर में गया, जहां पुजारी था। aमंदिर में होनी वाली पूजा पाठ में हिस्सा लेकर आरोपी ने पुजारी का विश्वास जीता। एक दिन 21 फरवरी को आरोपी ने मृतक पर हमला कर दिया और उसे जमीन गिराकर उसके सिर पर वार किया। उसने दराती से कई वार किए और हत्या करके फरार हो गया। उसने शव को बोरे में बंद कर दिया। जमीन पर बिखरे खून को धो डाला। मृतक की चाबी ली और उसके कमरे का लाक खोला। कमरे से 42 हजार रुपये चुरा लिए और घटनास्थल से फरार हो गया। मंदिर को भी बाहर से लाक कर दिया। वन विभाग की इमारत में उसने खून से लथपथ धोती और चाबियों का गुच्छा फेंक दिया। इसके बाद आरोपी हमदर्द मुस्लिम होटल में गया और कुछ वहीं पर ठहरा। सूर्या इलेक्ट्रानिक्स जम्मू से दो मोबाइल फोन खरीदे। उसने एक फोन एक युवक आमिर खान को बेच दिया। इसके बाद वह हिमाचल प्रदेश के एक होटल मेें तीन दिन रहा। वह एक ट्रक का कंडक्टर भी था। जांच के बाद पाया आरोपी ने 42 हजार चोरी करने के इरादे से पुजारी की हत्या कर दी। प्रधान न्यायालय ने पाया पुलिस ने इस केस में कई मौखिक और हत्या के बाद के सबूत दिए हैं, लेकिन अपराध से जुड़ा कोई भी सबूत नहीं दिया है। पुलिस को चाहिए कि पूरे केस में गवाह और सबूत पूरे होने चाहिए। कोई भी लिंक मीसिंग नहीं होना चाहिए। इसलिए शक का लाभ देते हुए आरोपी को बरी करने के आदेश जारी किए। जेएनएफ
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