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वैक्सीनेशन: राजस्थान सरकार ने लिया टीकों के ऑडिट का फैसला, जिला स्तर पर दल करेंगे निरीक्षण
Mon, 07 Jun 2021 03:53 PM IST
सुरेंद्र जोशी
आशीष तिवारी, अमर उजाला, जयपुर
आशीष तिवारी, अमर उजाला, जयपुर
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Mon, 07 Jun 2021 03:53 PM IST
सार
बीते दिनों राजस्थान में बड़े पैमाने पर टीकों की बर्बादी की खबरें आई थीं तो पंजाब में निजी अस्पतालों को टीके बेचे जाने की। इसी पृष्ठभूमि में गहलोत सरकार ने ऑडिट का निर्णय लिया है।
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सांकेतिक चित्र
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
राजस्थान सरकार का चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग कोरोना वायरस रोधी टीकों का ऑडिट व जिला स्तर पर टीकों के समयबद्ध व समुचित उपयोग सुनिश्चित करेगा। जिला स्तर पर निरीक्षण के लिए दलों का गठन किया जाएगा। ये दल निर्बाध टीकाकरण व टीकों के उपयोग पर नजर रखेंगे।
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राज्य के स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अखिल अरोरा ने इस सबंध में आदेश जारी किया है। इसके अनुसार राज्य में कोरोना वायरस रोधी टीकाकरण कार्यक्रम निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार किया जा रहा है। टीकाकरण में टीकों का उपयोग सर्वाधिक हो सके, इसके लिए राज्य, जिला व खंड स्तर पर टीमों का गठन किया गया है।
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अरोरा ने कहा कि टीकाकरण प्रक्रिया के निरीक्षण के लिए जिला स्तर पर तीन खंडीय टीम होंगी, जबकि ऑडिट के लिए राज्य स्तर की तीन टीम अलग होंगी। जिला व खंड स्तरीय टीमें गठन के प्रथम सात दिन के भीतर निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट जिला कलेक्टर के माध्यम से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, निदेशालय जयपुर को भेजेंगी। इसके बाद प्रत्येक 15 दिवस के अंतराल में निरीक्षण किया जाएगा।
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प्रमुख सचिव ने कहा कि आवधिक ऑडिट के लिए भी तीन दलों का गठन किया गया है। ये टीमें राज्य स्तर से विभिन्न जिलों में स्थित राज्य स्तरीय टीकाकरण स्टोर, जिला स्तरीय टीकाकरण स्टोर व कोल्ड चैन प्वाईंट की आवधिक ऑडिट करेंगी। ये टीमें कोविड रोधी टीकों के संधारण, उपयोग व बर्बाद हुए टीकों के निस्तारण का विस्तृत ऑडिट भी करेंगी।
बता दें, बीते दिनों राजस्थान में टीकों की बर्बादी के समाचार प्रमुखता से आए थे। इसके बाद केंद्र सरकार ने भी राज्य सरकार को इस बारे में रिपोर्ट देने व टीकों का सही ढंग से इस्तेमाल करने के निर्देश दिए थे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन व केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने राजस्थान सरकार को घेरा था।