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राजस्थान:किसानों का महापड़ाव कल से, सरकार ने रद्द की अफसरों की छुट्टियां
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 14 Jun 2017 05:43 PM IST
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- फोटो : demo
राजस्थान में गुरुवार से सभी संभाग मुख्यालयों पर किसानों के महापड़ाव को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रशासनिक तैयारियां शुरु कर दी है। इसके तहत कलक्टरों की छुट्टियां रद्द कर दी गई है।
देश के विभिन्न राज्यों में भड़के किसान आंदोलन से सबक लेते हुए राज्य सरकार ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को राजस्थान में किसान महापड़ाव के दौरान चाकचौबंद रहने के निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत जिला कलक्टरों की छुट्टियां रद्द कर दी गई है। उधर, कलक्टरों ने भी अपने—अपने क्षेत्राधिकार में प्रशासनिक अधिकारियों की छुट्टियां रद्द करना शुरु कर दिया है। महापड़ाव स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस जाप्ता तैनात करने के लिए पुलिस प्रशासन को निर्देश जारी किए है। महापड़ाव जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, कोटा, उदयपुर और भरतपुर में शुरु होगा।
गौरतलब है कि भारतीय किसान संघ ने 15 जून से राजस्थान में किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर संभाग मुख्यालयों पर महापड़ाव की घोषणा कर रखी है। संघ का आरोप है कि किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार को 500 से ज्यादा ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन उन पर कार्रवाई आज तक नहीं हुई है। संघ पदाधिकारियों के अनुसार, आंदोलन शांतिपूर्वक किया जाएगा, लेकिन इसमें यदि किसी बाहरी तत्व के कारण किसी भी तरह की अशांति होती है तो उसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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भारतीय किसान संघ के प्रदेश पदाधिकारियों ने लहसुन खरीद के मामले में सरकार पर दिखावा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलवाने, बिजली के कनेक्शन काटने के मामले में एक तरफा कार्रवाई के विरोध में, कर्ज माफ की मांग को लेकर किया जा रहा है। महापड़ाव को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं की टीमें बनाई गई है जो महापड़ाव मे आने वाले किसानों के लिए परिवहन, भोजन—पानी, रहने आदि की व्यवस्था करने में जुटी हुई है।
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देश के विभिन्न राज्यों में भड़के किसान आंदोलन से सबक लेते हुए राज्य सरकार ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को राजस्थान में किसान महापड़ाव के दौरान चाकचौबंद रहने के निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत जिला कलक्टरों की छुट्टियां रद्द कर दी गई है। उधर, कलक्टरों ने भी अपने—अपने क्षेत्राधिकार में प्रशासनिक अधिकारियों की छुट्टियां रद्द करना शुरु कर दिया है। महापड़ाव स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस जाप्ता तैनात करने के लिए पुलिस प्रशासन को निर्देश जारी किए है। महापड़ाव जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, कोटा, उदयपुर और भरतपुर में शुरु होगा।
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गौरतलब है कि भारतीय किसान संघ ने 15 जून से राजस्थान में किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर संभाग मुख्यालयों पर महापड़ाव की घोषणा कर रखी है। संघ का आरोप है कि किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार को 500 से ज्यादा ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन उन पर कार्रवाई आज तक नहीं हुई है। संघ पदाधिकारियों के अनुसार, आंदोलन शांतिपूर्वक किया जाएगा, लेकिन इसमें यदि किसी बाहरी तत्व के कारण किसी भी तरह की अशांति होती है तो उसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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भारतीय किसान संघ के प्रदेश पदाधिकारियों ने लहसुन खरीद के मामले में सरकार पर दिखावा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलवाने, बिजली के कनेक्शन काटने के मामले में एक तरफा कार्रवाई के विरोध में, कर्ज माफ की मांग को लेकर किया जा रहा है। महापड़ाव को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं की टीमें बनाई गई है जो महापड़ाव मे आने वाले किसानों के लिए परिवहन, भोजन—पानी, रहने आदि की व्यवस्था करने में जुटी हुई है।