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'आधार' ने बिछुड़े बच्चों को मां-बाप तक पहुंचाया, जानिए कैसे...

Sat, 29 Jul 2017 02:26 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Sat, 29 Jul 2017 02:26 PM IST
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This child was separated from parents by Aadhar card
अपने माता-पिता के साथ रवि - फोटो : amar ujala
परिवार से बिछुड़े बच्चे को 'आधार' की बदौलत 15 महीनों बाद मां-बाप का प्यार नसीब हुआ। मां-बाप भी अपने लाड़ले को पाकर बहुत खुश है। 
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मामला अलवर के धौलीदूब स्थित मानसिक विमंदित पुनर्वास गृह से जुड़ा हुआ है। यहां रहने वाले मानसिक रूप से विमंदित रवि के परिवार को तलाशने के लिए काफी प्रयास किए गए, लेकिन सब विफल रहे। इसी दौरान पुनर्वास गृह के समन्वयक ने रवि का आधार कार्ड बनवाने के लिए जिला आधार परियोजना के कार्यालय प्रभारी से संपर्क किया तो पता चला कि कि उसका आधार कार्ड नहीं बन सकता। इसका कारण उन्होंने पहले से ही उसका आधार के लिए नामांकन होना बताया। इसके बाद जब पहले वाले आधार नामांकन के जरिये उसकी जानकारी जुटाई गई।


इसमें पता लगा कि रवि हरियाणा के सोहना का रहने वाला है। उसके आधार नामांकन में दिए गए मोबाइल नम्बर पर संपर्क करके उसके परिवार जनों को रवि के बारे में सूचना दी गई। जिसके बाद अतिरिक्त जिला कलक्टर द्वितीय राजेन्द्र चतुर्वेदी ने बच्चे रवि को उसके परिवार के सुपुर्द किया। उन्होंने परिवार से बिछड़े हुए रवि को फिर से मिलवाने के लिए जिला आधार परियोजना कार्यालय के प्रभारी दिव्य जैन को भी धन्यवाद दिया।
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