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तीन महीने में नई अदालत की स्थापना करें, हाईकोर्ट ने दिए आदेश
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 20 Nov 2017 05:08 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने आज बाड़मेर के गुडामालानी में सिविल कोर्ट शुरू करने को लेकर दायर जनहित याचिका का निस्तारण कर दिया। कोर्ट ने कहा है कि सरकार तीन माह में निर्णय करते हुए नई अदालत की स्थापना करे।
सीजे प्रदीप नन्द्राजोग की खंडपीठ ने ये आदेश दिए। मामले में हरिराम की ओर से जनहित याचिका दायर की गई थी। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने याचिका का निस्तारण कर दिया। पिछली सुनवाई पर सरकार की ओर से एएजी राजेश पंवार ने जवाब पेश करते हुए बताया था कि हाईकोर्ट रजिस्ट्रार की ओर से प्रदेश में 13 नई अदालतों के लिए सरकार को प्रस्ताव भेज रखा है जिस पर जल्द निर्णय किया जाना है। सीजे नन्द्राजोग की खंडपीठ ने आज याचिका निस्तारित करते हुए सरकार को निर्देश दिए हैं कि जितनी अदालतो को लेकर प्रस्ताव भेजा गया है उस पर तीन माह में निर्णय करें और नए कोर्ट शुरू किए जाएं। याचिकाकर्ता हरिराम की ओर से अधिवक्ता सुरेश कुमार गौड ने पक्ष रखा।
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सीजे प्रदीप नन्द्राजोग की खंडपीठ ने ये आदेश दिए। मामले में हरिराम की ओर से जनहित याचिका दायर की गई थी। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने याचिका का निस्तारण कर दिया। पिछली सुनवाई पर सरकार की ओर से एएजी राजेश पंवार ने जवाब पेश करते हुए बताया था कि हाईकोर्ट रजिस्ट्रार की ओर से प्रदेश में 13 नई अदालतों के लिए सरकार को प्रस्ताव भेज रखा है जिस पर जल्द निर्णय किया जाना है। सीजे नन्द्राजोग की खंडपीठ ने आज याचिका निस्तारित करते हुए सरकार को निर्देश दिए हैं कि जितनी अदालतो को लेकर प्रस्ताव भेजा गया है उस पर तीन माह में निर्णय करें और नए कोर्ट शुरू किए जाएं। याचिकाकर्ता हरिराम की ओर से अधिवक्ता सुरेश कुमार गौड ने पक्ष रखा।
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