शराबबंदी के लिए विधानसभा पर धरना, पुलिस ने हिरासत में लिया और फिर जंगल में छोड़ा
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प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी की मांग को लेकर विधानसभा के पास आमरण अनशन कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने देर शाम जबरन हटा दिया। पुलिस ने पहले इन्हें हिरासत में लिया और फिर रात को शहर से दूर ले जाकर छोड़ दिया।
शराबबंदी आंदोलन की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूजा छाबड़ा तथा कार्यकर्ता जयपुर में राजस्थान विधानसभा के पास धरना दे रहे थे। इस दौरान इन्होंने जमकर नोरबाजी की। पूजा छाबड़ा का आरोप है कि सरकार शराबबंदी के वादे से मुकर रही है।
प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए ज्योतिनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। उन्हें वहां से हटाने के लिए समझाइश की, लेकिन वे नहीं मानें। इस पर पुलिस ने जबरन पूजा छाबड़ा और उनके समर्थकों को हिरासत में ले लिया। गौरतलब है कि सोमवार को राज्य का बजट पेश होगा। इसके मद्देनजर पुलिस यहां विशेष सावधानी बरत रही है।
देर रात शहर से दूर छोड़ा
पुलिस प्रदर्शनकारियों को जयपुर से करीब 50 किलोमीटर दूर चाकसू ले गई। वहां इन्हें छोड़ दिया। इस दौरान बस में भी ये नारेबाजी करते रहे। देर रात तक पुलिस पूजा और उसके समर्थकों की गतिविधियों की निगरानी करती रही।
वहीं, इस मामले में पूजा छाबड़ा के संगठन से जुड़े अधिवक्ता पूनमचंद भंडारी का आरोप है कि पुलिस ने पूजा और अन्य लोगों को चाकसू के जंगल मे उतार दिया। भंडारी का आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने एक कार्यकर्ता की पिटाई भी कर दी। जिसे इलाज के लिए सवाई मानसिंह अस्पताल में लाया गया है।