Rajasthan: छात्र संघ चुनाव में NSUI की मिट्टी पलीत, सात में निर्दलीय तो पांच में ABVP का कब्जा
राजस्थान के 15 में से 14 सरकारी विश्वविद्यालयों और 450 से ज्यादा कालेजों में छात्र संघ चुनाव 2022 का परिणाम शनिवार (27 अगस्त) को घोषित हुआ। एक विवि का चुनाव परिणाम रविवार को घोषित किया जाएगा। शुक्रवार को मतदान हुआ था। चुनाव में प्रदेश में सत्तारूढ़ दल कांग्रेस के अग्रिम संगठन भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) को जबरदस्त झटका लगा है। एनएसयूआई एक भी विवि में अपना छात्र संघ अध्यक्ष नहीं बना सकी है। भारतीय जनता पार्टी से संबंद्ध अखिल भारतीय विधार्थी (एबीवीपी) के अध्यक्ष पद पर छह प्रत्याशी निर्वाचित घोषित किए गए हैं।
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विस्तार
कांग्रेस सरकार का संगठन नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया यानी एनएसयूआई है। इस साल एनएसयूआई की इतनी मिट्टी पलीत हुई है कि इससे पहले कभी नहीं हुई। एनएसयूआई से बागी होकर चुनाव लड़ने वाले छात्र नेता जीत गए, जबकि एनएसयूआई ने जिन्हें टिकट दिया वह रेस में कहीं टिके ही नहीं।
बता दें कि राजस्थान में 14 विश्वविद्यालय हैं, इन 14 विश्वविद्यालयों में से पांच में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने बाजी मारी है। जबकि दो विश्वविद्यालय में एसएफआई छात्र संगठन के अध्यक्ष चुने गए हैं। बाकी बचे हुए सात विश्वविद्यालयों में निर्दलीय प्रत्याशी अध्यक्ष पद पर जीते हैं। यह पहला मौका है, जब किसी भी छात्र संघ चुनाव में एनएसयूआई की इतनी बुरी स्थिति रही है। अब एनएसयूआई के इस घटिया प्रदर्शन के बाद संगठन में बड़े स्तर पर फेरबदल करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। हालांकि, एनएसयूआई ने बागी होकर चुनाव लड़ने वाले या चुनाव लड़ने में सहयोग करने वाले छह छात्र नेताओं की छुट्टी भी कर दी है।
जानें, कौन-कहां से जीता...
- राजस्थान यूनिवर्सिटी में रितु बराला जो एनएसयूआई की अध्यक्ष पद प्रत्याशी थीं, वह तीसरे नंबर पर रहीं। जबकि एनएसयूआई से बागी होकर चुनाव लड़ने वाले निर्मल चौधरी अध्यक्ष पद पर जीत गए हैं। दूसरे नंबर पर निहारिका मीणा रहीं।
- राजस्थान की दूसरे सबसे बड़े विश्वविद्यालय जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर में भी एनएसयूआई के प्रत्याशी को कुर्सी गंवानी पड़ी है। यहां पर एसएफआई संगठन से छात्र नेता को अध्यक्ष चुना गया है।
- प्रदेश में तीसरे नंबर पर आने वाली उदयपुर की मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कुलदीप सिंह अध्यक्ष चुने गए हैं।
- अजमेर की महर्षि दयानंद सरस्वती यूनिवर्सिटी से महिपाल गोदारा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से अध्यक्ष चुने गए हैं।
- वहीं अलवर की मत्स्य यूनिवर्सिटी से निर्दलीय सुभाष चंद्र गुर्जर अध्यक्ष बने हैं।
- भरतपुर की महाराजा सूरजमल बृज यूनिवर्सिटी से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के हितेश फौजदार चुने गए हैं।
- बांसवाड़ा की गोविंद गुरु जनजातीय यूनिवर्सिटी से सुनील सुरावत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के अध्यक्ष बने हैं।
- सीकर की शेखावटी विश्वविद्यालय से एसएफआई के विजेंद्र कुमार ढाका अध्यक्ष पद पर विजयी रहे हैं।
- कोटा से कोटा यूनिवर्सिटी के अजय पारेता जो कि निर्दलीय प्रत्याशी थे, वह अध्यक्ष बने हैं।
- एमबीएम यूनिवर्सिटी जोधपुर से निर्दलीय चंद्रांशु सीरिया अध्यक्ष बने हैं।
- बीकानेर की महाराजा गंगा सिंह यूनिवर्सिटी से एबीवीपी के लोकेंद्र सिंह अध्यक्ष चुने गए हैं।
- बीकानेर वेटरनरी यूनिवर्सिटी से जयंत विश्नोई को अध्यक्ष पद पर चुना गया है।
- जयपुर की हरिदेव जोशी यूनिवर्सिटी से आनंद अध्यक्ष बने हैं।
- जयपुर की राजस्थान संस्कृत यूनिवर्सिटी से पंकज कुमार कुमावत निर्दलीय अध्यक्ष चुने गए हैं।
मंत्री की बेटी हारी, समर्थक का नोटों के साथ वीडियो वायरल...
जयपुर स्थित राजस्थान विवि में अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रही अशोक गहलोत सरकार में कृषि विपणन राज्यमंत्री मुरारी लाल मीणा की बेटी निहारिका जोरवाल चुनाव हार गईं। वह एनएसयूआई का टिकट मांग रही थीं। टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा था। हालांकि वे चुनाव हार गईं। इस बीच, निहारिका के समर्थक और छात्र संघ के पूर्व महासचिव नरेश मीणा का एक वीडियो शनिवार को इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ है।
वीडियो में वह नोटों की गड्डी हाथ में लेकर कह रहे हैं कि यह वापस मंत्री मीणा को देने जा रहा हूं। उन्होंने मुझे दस लाख की नकदी चुनाव प्रबंधन में खर्च करने के लिए दी थी, लेकिन मैंने इसमें से पैसा बचा लिया, जो अब वापस देने जा रहा हूं।