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खाप पंचायत के आरोपियों को बरी करने के खिलाफ याचिका स्वीकार
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 17 Jan 2018 02:40 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट ने फुलेरा के बिचून गांव में खाप पंचायत कर एक परिवार पर जुर्माना लगाने के मामले में निचली अदालत की ओर से खाप पंचायत के सदस्यों को बरी करने के खिलाफ दायर अपील को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है।
न्यायाधीश केएस अहलूवालिया की एकलपीठ ने यह आदेश गोविंद राम की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता योगेश टेलर ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता रैगर जाति का है। कुछ लोगों ने वर्ष 2001 में खाप पंचायत कर याचिकाकर्ता पर जुर्माना लगा दिया। इस संबंध में याचिकाकर्ता की ओर से मानवाधिकार आयोग में शिकायत की गई।
आयोग के दखल के बाद फुलेरा थाना पुलिस ने 8 मार्च 2002 को 5 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस की ओर से निचली अदालत में आरोप पत्र पेश करने के बाद वर्ष 2012 ट्रायल आरंभ हुई। सांभर लेक अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए 26 सितंबर 2016 को प्रकरण में आरोपी बनाए गए गोपाल व अन्य को दोषमुक्त कर दिया। इस आदेश को याचिकाकर्ता की ओर से हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।
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न्यायाधीश केएस अहलूवालिया की एकलपीठ ने यह आदेश गोविंद राम की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता योगेश टेलर ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता रैगर जाति का है। कुछ लोगों ने वर्ष 2001 में खाप पंचायत कर याचिकाकर्ता पर जुर्माना लगा दिया। इस संबंध में याचिकाकर्ता की ओर से मानवाधिकार आयोग में शिकायत की गई।
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आयोग के दखल के बाद फुलेरा थाना पुलिस ने 8 मार्च 2002 को 5 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस की ओर से निचली अदालत में आरोप पत्र पेश करने के बाद वर्ष 2012 ट्रायल आरंभ हुई। सांभर लेक अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए 26 सितंबर 2016 को प्रकरण में आरोपी बनाए गए गोपाल व अन्य को दोषमुक्त कर दिया। इस आदेश को याचिकाकर्ता की ओर से हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।
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