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नाबालिगों ने यहां बना लिया 'लश्कर-ए-तैयबा' ग्रुप, उड़े सुरक्षा एजेंसियों के होश
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 26 Feb 2018 02:06 PM IST
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terrorist group
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खूंखार आतंकी संगठन के नाम पर कुछ नाबालिगों ने एक एेसा ग्रुप बना लिया कि सभी सुरक्षा एजेंसियों के होश ही उड़ गए।
मामला राजस्थान के भीलवाड़ा जिले का है जहां मांडलगढ़ कस्बे में कुछ नाबालिग बच्चों ने लश्कर-ए-तैयबा के नाम से सोशल मीडिया पर एक ग्रुप बना डाला। ग्रुप बनाने के बाद बच्चों ने लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजनी शुरू की जिसके बाद हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार लखनऊ के रहने वाले एक व्यक्ति के पास जब ये रिक्वेस्ट पहुंची तो उसने तुरंत पुलिस के सायबर क्राइम यूनिट को इस बात की सूचना दी। साइबर क्राइम की टीम ने आईपी एड्रेस के जरिए जब रिक्वेस्ट भेजने वाले की आईडी को ट्रेस किया तो उसकी लोकेशन मांडलगढ़ निकली, जिसके बाद राजस्थान पुलिस से संपर्क भी किया गया।
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मामला राजस्थान के भीलवाड़ा जिले का है जहां मांडलगढ़ कस्बे में कुछ नाबालिग बच्चों ने लश्कर-ए-तैयबा के नाम से सोशल मीडिया पर एक ग्रुप बना डाला। ग्रुप बनाने के बाद बच्चों ने लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजनी शुरू की जिसके बाद हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार लखनऊ के रहने वाले एक व्यक्ति के पास जब ये रिक्वेस्ट पहुंची तो उसने तुरंत पुलिस के सायबर क्राइम यूनिट को इस बात की सूचना दी। साइबर क्राइम की टीम ने आईपी एड्रेस के जरिए जब रिक्वेस्ट भेजने वाले की आईडी को ट्रेस किया तो उसकी लोकेशन मांडलगढ़ निकली, जिसके बाद राजस्थान पुलिस से संपर्क भी किया गया।
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ग्रुप में डाल दी संवेदनशील जानकारी
cyber crime
पूरे मामले की जानकारी मिलते ही भीलवाड़ा पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक किशोर को से पूछताछ की वहीं उदयपुर से एटीएस की एक टीम भी मांडलगढ़ पहुंच गई, जिसके बाद किशोर को उसके परिजनों के साथ मांडलगढ़ थाने लाया गया जहां करीब 5 घंटे तक उससे पूछताछ की गई।
जांच में पाया गया कि बच्चों द्वारा बनाए गए ग्रुप में उन्होनें कुछ संवेदनशील जानकारी डाली थी। हालांंकि ऐसा करने के पीछे उनका कोई गलत मतलब नहीं था और न ही उनके किसी आंतकी संगठन होने से किसी तरह का कोई जुड़ाव है। बच्चों ने पूछताछ में ये भी बताया है कि उन्हें ऐसा ग्रुप बनाने के लिए किसी ने भी प्रोत्साहित नहीं किया था।
जांच में पाया गया कि बच्चों द्वारा बनाए गए ग्रुप में उन्होनें कुछ संवेदनशील जानकारी डाली थी। हालांंकि ऐसा करने के पीछे उनका कोई गलत मतलब नहीं था और न ही उनके किसी आंतकी संगठन होने से किसी तरह का कोई जुड़ाव है। बच्चों ने पूछताछ में ये भी बताया है कि उन्हें ऐसा ग्रुप बनाने के लिए किसी ने भी प्रोत्साहित नहीं किया था।