बीते पांच वर्षों में यहां से मिला देश को तीसरा खेल मंत्री, लेकिन...
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यह मंत्रालय खेल व युवा मामलात। इस मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार राठौड़ को दिया गया है। राठौड़ अभी तक सूचना व प्रसारण मंत्रालय में राज्यमंत्री के तौर पर कार्यभार संभाल रहे हैं।
गौरतलब है कि बीते पांच वर्षो में राठौड़ देश के तीसरे खेल मंत्री बने हैं।
देश के साथ राजस्थान को भी है उम्मीद
इनमें राठौड़ सहित तीन मंत्रियों का सबंध राजस्थान से प्रत्यक्ष रुप से रहा है। अभी तक मंत्री रहें विजय गोयल राजस्थान से ही राज्यसभा सांसद है।
जबकि यूपीए सरकार में करीब दो वर्ष तक खेल मंत्री रहें जितेन्द्र सिंह भी अलवर से तत्कालीन सांसद थे। वहीं अब खेल मंत्री बने राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ जयपुर ग्रामीण सांसद है।
पांच वर्ष में देश को तीसरा खेल मंत्री भी राजस्थान से मिला। लेकिन राजस्थान में खेलों की हालात में अभी तक कोई सुधार नहीं आया।
क्रिकेट और इसके खिलाड़ियों के विकास का इंतजार
राजस्थान में क्रिकेट को लेकर राजनीतिक चलती आ रही है। यहां पिछले तीन वर्षों से राजस्थान क्रिकेट ठप्प हे। बीसीसीआई का बैन झेल रहे आरसीए को अब उम्मीद है कि नया खेल मंत्री जरूर उनके लिए उपयोग साबित होगा।
वहीं राज्य में खेलों के विकास के लिए ढांचागत सुविधाओं की काफी कमी है। वहीं विभिन्न स्पोर्ट्स फेडरेशन में अभी तक राजनीतिक लोगों का कब्जा है। जिसके कारण भी खेल और खिलाड़ियों का विकास रुका हुआ है।