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विधायक के 'इस्तीफे' पर उठा सवाल, बताया विधानसभा की परम्परा के खिलाफ
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 01 Jan 2018 01:50 PM IST
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निर्दलीय विधायक डॉ. राजकुमार शर्मा
- फोटो : File
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राजस्थान में डॉक्टर्स की हड़ताल के दौरान मरीजों की मौत के लिए चिकित्सा मंत्री को जिम्मेदार बताकर उन्हें बर्खास्त करने की मांग करते हुए एक निर्दलीय विधायक ने आज अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा। इस इस्तीफे की वैधानिकता पर सवाल उठाया जा रहा है।
दरअसल, विधानसभा की परम्परा के मुताबिक विधायकी से इस्तीफा केवल एक लाइन में दिया जाता है। उसमें इस्तीफा देने के कारणों की जानकारी विस्तार से नहीं दी जाती है। पूर्व चिकित्सा राज्यमंत्री और नवलगढ़ से निर्दलीय विधायक डॉ. राजकुमार शर्मा ने आज विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल को जो इस्तीफा सौंपा है वह तीन पेज का है और वह ज्ञापन की श्रेणी में आता है। ऐसे में उनके इस्तीफे के मंजूर होने की संभावना नजर नहीं आ रही।
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दरअसल, विधानसभा की परम्परा के मुताबिक विधायकी से इस्तीफा केवल एक लाइन में दिया जाता है। उसमें इस्तीफा देने के कारणों की जानकारी विस्तार से नहीं दी जाती है। पूर्व चिकित्सा राज्यमंत्री और नवलगढ़ से निर्दलीय विधायक डॉ. राजकुमार शर्मा ने आज विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल को जो इस्तीफा सौंपा है वह तीन पेज का है और वह ज्ञापन की श्रेणी में आता है। ऐसे में उनके इस्तीफे के मंजूर होने की संभावना नजर नहीं आ रही।
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अध्यक्ष ने ये दिया जबाव
rajasthan assembly
डॉ. शर्मा आज सुबह विधानसभा पहुंचे और अध्यक्ष को अपनी मांग तथा डॉक्टर्स हड़ताल के दौरान राज्य सरकार की ओर से बरती गई लापरवाही के बारे में विस्तार से बताया।
बाद में विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने मीडिया से कहा कि विधायक ने जिस भावुकता के साथ कदम उठाया है, वे उनकी बात से राज्य सरकार को अवगत कराएंगे। उन्होंने कहा कि उनके पत्र पर वे गंभीरता से विचार करेंगे और इस्तीफा स्वीकार करना या नहीं करना उनका विवेकाधिकार है।
उधर, इस्तीफा सौंपने के बाद विधायक एवं पूर्व चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. राजकुमार शर्मा ने कहा कि उन्होंने अपनी पूरी बात अध्यक्ष को बताई है। डॉक्टर्स हड़ताल के दौरान तीन सौ से अधिक मरीजों की मौत हुई हैं, जो राज्य सरकार के लिए शर्मनाक है। इसके लिए चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ को इस्तीफा देना चाहिए। यदि वे इस्तीफा नहीं देते हैं तो सरकार को उन्हें बर्खाख्त करना करना चाहिए।
तीन पेज के इस्तीफे की वैधानिकता पर पूछे सवाल पर डॉ. शर्मा ने कहा कि उन्हें पूरी बात की जानकारी अध्यक्ष को दी है। यदि अध्यक्ष चाहेंगे तो वे एक लाइन में भी अपना इस्तीफा देने की बात लिखकर दे देंगे।
बाद में विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने मीडिया से कहा कि विधायक ने जिस भावुकता के साथ कदम उठाया है, वे उनकी बात से राज्य सरकार को अवगत कराएंगे। उन्होंने कहा कि उनके पत्र पर वे गंभीरता से विचार करेंगे और इस्तीफा स्वीकार करना या नहीं करना उनका विवेकाधिकार है।
उधर, इस्तीफा सौंपने के बाद विधायक एवं पूर्व चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. राजकुमार शर्मा ने कहा कि उन्होंने अपनी पूरी बात अध्यक्ष को बताई है। डॉक्टर्स हड़ताल के दौरान तीन सौ से अधिक मरीजों की मौत हुई हैं, जो राज्य सरकार के लिए शर्मनाक है। इसके लिए चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ को इस्तीफा देना चाहिए। यदि वे इस्तीफा नहीं देते हैं तो सरकार को उन्हें बर्खाख्त करना करना चाहिए।
तीन पेज के इस्तीफे की वैधानिकता पर पूछे सवाल पर डॉ. शर्मा ने कहा कि उन्हें पूरी बात की जानकारी अध्यक्ष को दी है। यदि अध्यक्ष चाहेंगे तो वे एक लाइन में भी अपना इस्तीफा देने की बात लिखकर दे देंगे।