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जस्टिस भंडारी ने इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में फिर बढ़ाया राजस्थान का मान
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 21 Nov 2017 02:38 PM IST
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dalvir bhandhari
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जस्टिस दलवीर भंडारी को नीदरलैंड के हेग स्थित इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) में फिर से चुना गया है। जस्टिस भंडारी ने राजस्थान की सूर्य नगरी जोधपुर में जन्मे है। अपने इस करियर में उन्होंने 20 से अधिक अहम पदों की जिम्मेदारी सम्हाली है।
दलवीर भंडारी का जन्म जोधपुर में एक अक्टूबर 1947 को वकील महावीरचंद भंडारी के घर हुआ था। उन्होंने जोधपुर यूनिवर्सिटी से लॉ किया और उसके बाद अमरीका के शिकागो स्थित नार्थ वेस्टर्न विश्वविद्यालय से कानून में मास्टर डिग्री हासिल की।
उनके दादा भी वकील थे। पिता और दादा दोनों ही राजस्थान बार एसोसिएशन के सदस्य रह चुके थे। अपने करियर की शुरुआत में भंडारी ने राजस्थान हाईकोर्ट में कुछ साल प्रैक्टिस की।
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दलवीर भंडारी का जन्म जोधपुर में एक अक्टूबर 1947 को वकील महावीरचंद भंडारी के घर हुआ था। उन्होंने जोधपुर यूनिवर्सिटी से लॉ किया और उसके बाद अमरीका के शिकागो स्थित नार्थ वेस्टर्न विश्वविद्यालय से कानून में मास्टर डिग्री हासिल की।
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उनके दादा भी वकील थे। पिता और दादा दोनों ही राजस्थान बार एसोसिएशन के सदस्य रह चुके थे। अपने करियर की शुरुआत में भंडारी ने राजस्थान हाईकोर्ट में कुछ साल प्रैक्टिस की।
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जोधपुर से चले गए दिल्ली
dalvir bhandhari
साल 1991 के आस पास वे दिल्ली चले गए और वहां पर अपनी प्रैक्टिस शुरू की। साल 2005 में वे मुंबई हाईकोर्ट मुख्य न्यायधीश बने। वे सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायधीश भी रहे हैं।
भंडारी दूसरी बार इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस के सदस्य बने हैं। इससे पहले वे साल 2012 में पहली बार सदस्य बन चुके हैं। उन्हें पद्मभूषण से भी सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें साल 2014 में दिया गया।
भंडारी दूसरी बार इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस के सदस्य बने हैं। इससे पहले वे साल 2012 में पहली बार सदस्य बन चुके हैं। उन्हें पद्मभूषण से भी सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें साल 2014 में दिया गया।
ऐतिहासिक रही है जीत
कोर्ट
- फोटो : सांकेतिक चित्र
गौरतलब है कि आईसीजे में जस्टिस दलवीर भंडारी को फिर से चुन लिया गया है, उनकी इस जीत को सरकार ने ऐतिहासिक बताया है। यूएन में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि भारत को वैश्विक स्तर पर पहचान और बढ़ रही हैं जो अपने आप में ऐतिहासिक है।
बता दें कि दलवीर भंडारी की टक्कर ब्रिटेन के क्रिस्टोफर ग्रीनवुड से थी, शुरुआत से भारत ने ब्रिटेन को कड़ी टक्कर दी थी और अंत में ब्रिटेन के उम्मीदवार ने नाम ही वापस ले लिया जिससे भंडारी की जीत पक्की हो गई।
बता दें कि दलवीर भंडारी की टक्कर ब्रिटेन के क्रिस्टोफर ग्रीनवुड से थी, शुरुआत से भारत ने ब्रिटेन को कड़ी टक्कर दी थी और अंत में ब्रिटेन के उम्मीदवार ने नाम ही वापस ले लिया जिससे भंडारी की जीत पक्की हो गई।