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गांव ने मांगी पीएम से इच्छा मृत्यु, क्योंकि सरकार यहां बांट रही है ये बीमारी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 25 Dec 2017 06:14 PM IST
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PM modi
पुरूष, महिलाएं और बच्चें घुट-घुटकर जीवन जी रहे हैं, उन्हें मजबूरी में घरों में बंद होकर अपना जीवन बिताना पड़ रहा है। ऐसे हाल से पीड़ित सैकड़ों लोगों ने प्रधानमंत्री से इच्छा मृत्यु की मांग की है।
दरअसल, ये पूरा मामला राजस्थान के भरतुपर जिले से जुड़ा है। यहां के भोलावास और नांदनखेड़ा सहित आसपास के कस्बों में रहने वाले सैकड़ों लोग अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं। हालात ये हैं कि अब तो प्रत्येक घर से खांसने की आवाज आने लगी है। इसका कारण यहां लोग दमा से पीड़ित हो रहे हैं और उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। लोगों का कहना है कि जहां ये रहते हैं वह खनन जोन है। यहां से राज्य सरकार को हर महिने करोड़ों रुपए का राजस्व प्राप्त होता है।
इसके बावजूद यहां सड़कों की स्थिति दयनीय है। ऐसे में यहां दिनभर खनन सामग्री ले जाने वाहनों से धूल उड़ती रहती है। जो लोगों को बीमार बना रही है। लोग अपने ही घरों में घुट-घुटकर जीवन जीने को मजबूर हैं। अब लोगों ने समस्या का समाधान नहीं होने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की मांग की है।
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दरअसल, ये पूरा मामला राजस्थान के भरतुपर जिले से जुड़ा है। यहां के भोलावास और नांदनखेड़ा सहित आसपास के कस्बों में रहने वाले सैकड़ों लोग अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं। हालात ये हैं कि अब तो प्रत्येक घर से खांसने की आवाज आने लगी है। इसका कारण यहां लोग दमा से पीड़ित हो रहे हैं और उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। लोगों का कहना है कि जहां ये रहते हैं वह खनन जोन है। यहां से राज्य सरकार को हर महिने करोड़ों रुपए का राजस्व प्राप्त होता है।
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इसके बावजूद यहां सड़कों की स्थिति दयनीय है। ऐसे में यहां दिनभर खनन सामग्री ले जाने वाहनों से धूल उड़ती रहती है। जो लोगों को बीमार बना रही है। लोग अपने ही घरों में घुट-घुटकर जीवन जीने को मजबूर हैं। अब लोगों ने समस्या का समाधान नहीं होने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की मांग की है।
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यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि वे काफी समस्या से यहां सड़कों पर उड़ने वाली धूल की समस्या से पीड़ित हैं। इस बारे में उन्होंने उपखंड अधिकारी से लेकर जिला कलक्टर तक को अपनी व्यथा सुनाई और ज्ञापन दिए। दिनभर खनन सामग्री ले जाने वाहनों से धूल उड़ती रहती है। जो लोगों को बीमार बना रही है।
इसके बावजूद कोई भी अधिकारी ने उनकी समस्या का समाधान नहीं किया। ऐसे में मजबूर होकर उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। इसमें सामूहिक इच्छा मृत्यु की मांग की गई है।
इसके बावजूद कोई भी अधिकारी ने उनकी समस्या का समाधान नहीं किया। ऐसे में मजबूर होकर उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। इसमें सामूहिक इच्छा मृत्यु की मांग की गई है।