{"_id":"59d220464f1c1bda538b53ea","slug":"farmers-did-such-a-strange-protest-in-jaipur","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जमीन बचाने के लिए 21 लोगों ने ली 'समाधि'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जमीन बचाने के लिए 21 लोगों ने ली 'समाधि'
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 03 Oct 2017 11:21 AM IST
विज्ञापन
अनोखा सत्याग्रह
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आवासीय कॉलोनी के लिए अवाप्ति में आ रही अपनी जमीन बचाने के लिए गांव वालों ने आज अनूठा प्रदर्शन किया। प्रभावित भूमि पर 21 गड्डे खोदे गए और फिर इनमें लोग दिनभर लोग समाधि मुद्रा में खड़े रहे।
यह अनोखा प्रदर्शन राजधानी जयपुर के पास नींदड़ गांव में हुआ। जयपुर विकास प्राधिकरण की प्रस्तावित नींदड़ आवासीय योजना के विरोध में ग्रामीणों ने यह प्रदर्शन किया। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि जयपुर विकास प्राधिकरण नियम-कायदों को ताक में रखकर यहां आवाप्ति कर रहा है। जो लोग यहां दशकों से रह रहे है उन्हें इस योजना के नाम पर उजाड़ा जा रहा है।
संघर्ष समिति के प्रभाती लाल ने बताया कि इस मामले में सरकार का ध्यान दिलाने के लिए आज समाधि प्रदर्शन किया गया। इसके तहत 21 लोग दिनभर आज जमीन में समाधी मुद्रा में रहे। ये सभी प्रभावित काश्तकार है। उनका आरोप है कि जेडीए न तो सुन रहा है न ही मुआवजा दे रहा है। उन्होंने बताया कि इस मामले में स्वायत्त शासन मंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपाल को भी ज्ञापन दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह अनोखा प्रदर्शन राजधानी जयपुर के पास नींदड़ गांव में हुआ। जयपुर विकास प्राधिकरण की प्रस्तावित नींदड़ आवासीय योजना के विरोध में ग्रामीणों ने यह प्रदर्शन किया। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि जयपुर विकास प्राधिकरण नियम-कायदों को ताक में रखकर यहां आवाप्ति कर रहा है। जो लोग यहां दशकों से रह रहे है उन्हें इस योजना के नाम पर उजाड़ा जा रहा है।
विज्ञापन
संघर्ष समिति के प्रभाती लाल ने बताया कि इस मामले में सरकार का ध्यान दिलाने के लिए आज समाधि प्रदर्शन किया गया। इसके तहत 21 लोग दिनभर आज जमीन में समाधी मुद्रा में रहे। ये सभी प्रभावित काश्तकार है। उनका आरोप है कि जेडीए न तो सुन रहा है न ही मुआवजा दे रहा है। उन्होंने बताया कि इस मामले में स्वायत्त शासन मंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपाल को भी ज्ञापन दिया जाएगा।
विज्ञापन
अनोखा सत्याग्रह
- फोटो : अमर उजाला
इसमें कई लोग बेघर होंगे, वहीं दूसरी तरफ हजारों पेड़ भी काटे जाएंगे। अब तक जेडीए ने जहां भी योजनाएं बनाई है, वहां पेड़ काट तो दिए, लेकिन बसाया कुछ नहीं है। पर्यावरण को नुकसान हो रहा है। इस योजना में भी कुछ इसी तरह का हालात होंगे।
जानकारी के मुताबिक 1300 बीघा की यह योजना बनाई जा रही है। इसमें 1150 बीघा जमीन किसानों की है। कैलाश बोहरा, नगेंद्र सिंह, बंशीधर, मांगीलाल, लाला राम, प्रभाती लाल समेत 21 लोगों ने यह जमीन सत्याग्रह किया।
जानकारी के मुताबिक 1300 बीघा की यह योजना बनाई जा रही है। इसमें 1150 बीघा जमीन किसानों की है। कैलाश बोहरा, नगेंद्र सिंह, बंशीधर, मांगीलाल, लाला राम, प्रभाती लाल समेत 21 लोगों ने यह जमीन सत्याग्रह किया।