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फलाहारी बाबा बेनकाब, मेडिकल बोर्ड ने दिया फिट करार
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 23 Sep 2017 03:09 PM IST
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फलाहारी महाराज
बीमारी का बहाना बनाकर चार दिनों से एक निजी अस्पताल में भर्ती फलाहारी बाबा का सच सामने आ गया है। सरकारी अस्पताल के चिकित्सकों के बोर्ड ने बाबा को मेडिकली फिट करार दे दिया है। इससे पूर्व बाबा को आज सुबह पुलिस ने निजी चिकित्सालय से गिरफ्तार किया गया था।
जानकारी के अनुसार मेडिकल बोर्ड की जांच रिपोर्ट आने के बाद बीमारी को लेकर बाबा द्वारा बोले गए झूठ का पर्दाफाश हो गया है। गौरतलब है कि अलवर के फलहारी बाबा पर उसकी अनुयायी रही एक बिलासपुर की छात्रा ने यौन शोषण का मुकदमा दर्ज कराया है।
आरोप लगने के बाद से बाबा अलवर के एक अस्पताल में बीमारी का बहाना बनाकर भर्ती था। इस दौरान बिलासपुर से अलवर आई पीड़िता से पुलिस ने घटनास्थल की तस्दीक कराई व उसके बयान दर्ज किए।
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बाबा की मुश्किलें तब और बढ़ी जब पीड़िता के पिता ने कहा कि वे और भी ऐसे लोगों को जानते हैं, जो बाबा के कृत्यों का शिकार रहे हैं।
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जानकारी के अनुसार मेडिकल बोर्ड की जांच रिपोर्ट आने के बाद बीमारी को लेकर बाबा द्वारा बोले गए झूठ का पर्दाफाश हो गया है। गौरतलब है कि अलवर के फलहारी बाबा पर उसकी अनुयायी रही एक बिलासपुर की छात्रा ने यौन शोषण का मुकदमा दर्ज कराया है।
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आरोप लगने के बाद से बाबा अलवर के एक अस्पताल में बीमारी का बहाना बनाकर भर्ती था। इस दौरान बिलासपुर से अलवर आई पीड़िता से पुलिस ने घटनास्थल की तस्दीक कराई व उसके बयान दर्ज किए।
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बाबा की मुश्किलें तब और बढ़ी जब पीड़िता के पिता ने कहा कि वे और भी ऐसे लोगों को जानते हैं, जो बाबा के कृत्यों का शिकार रहे हैं।
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पीड़ित छात्रा ने पुलिस को बताया था ये
फाइल फोटो।
घटना बीते माह की बताई जा रही है, जब पीड़िता बाबा के अलवर स्थित मधुसूदन आश्रम में रुकी थी। बाबा पर आरोप है कि इस दौरान उसने अपने गुप्त कमरे में उससे दुष्कर्म का प्रयास किया था। लेकिन वह किसी तरह बचकर आश्रम के दूसरे कमरे में चली गयी और उसने कमरा बंद कर लिया।
इसके बाद वह रात भर उसी कमरे में रही। इसके बाद अगले दिन सुबह आश्रम में पढ़ने वाला ही एक बच्चा उसे अलवर स्टेशन पर छोड़कर आया। जहां से वह अपने घर चली गई और उसने घटना की जानकारी अपने परिवार को दी।
इसके बाद वह रात भर उसी कमरे में रही। इसके बाद अगले दिन सुबह आश्रम में पढ़ने वाला ही एक बच्चा उसे अलवर स्टेशन पर छोड़कर आया। जहां से वह अपने घर चली गई और उसने घटना की जानकारी अपने परिवार को दी।