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दिव्यांग बच्चे को नियमानुसार मिले सरकारी सुविधाएं, हाईकोर्ट ने कहा

Fri, 19 Jan 2018 08:21 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Fri, 19 Jan 2018 08:21 PM IST
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Divyang child gets government facilities as per rules, the Rajasthan High Court said
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को मौखिक रूप से कहा है कि वह मानसिक और शारीरिक रूप से दिव्यांग 14 वर्षीय याचिकाकर्ता बच्चे को अपनी योजनाओं के तहत नियमानुसार सुविधाएं मुहैया कराए। इसके साथ ही अदालत ने मामले की सुनवाई 1 फरवरी तक टाल दी है।
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न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश ध्रुव जोशी के अपनी मां के जरिये दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि पूर्व में दिए आदेश की पालना में बच्चे की जांच के लिए न्यूरोलॉजी के आचार्य डॉ. बीएल कुमावत और पीएमआर के सहायक आचार्य डॉ. सुनील गोयनका का मेडिकल बोर्ड बना दिया गया है। वहीं बच्चे के पिता ने कहा कि वह अपने वेतन का आधा हिस्सा पत्नी को भेजता है। इसके अलावा उसने बच्चे की अभिरक्षा के लिए फैमिली कोर्ट में प्रार्थना पत्र लगा रखा है। जिस पर 31 जनवरी को फैसला आ सकता है। इस पर अदालत ने मामले की सुनवाई 1 फरवरी को टालते हुए कहा कि बच्चे को सरकार की ओर से संचालित सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए।
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याचिका में अधिवक्ता शालिनी श्योराण ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता फ्रेजाइल एक्स नामक बीमारी से ग्रसित है। उसका पिता सरकारी सेवक हैं, लेकिन उन्होंने याचिकाकर्ता को अलग कर दिया है। याचिका में गुहार की गई कि उसके पिता उसे आवास और मेडिकल सुविधा देते हुए उसकी सामाजिक जिम्मेदारी का वहन करें।
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