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जवान बेटी से परेशान पिता ने उठाया ये खौफनाक कदम, वह बोल भी नहीं सकी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 15 Feb 2018 05:31 PM IST
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कोई पिता अपनी ही बेटी से इतना परेशान हो सकता है कि वह उसकी जान का दुश्मन बन बैठे। ऐसे ही मामले ने यहां आज हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया। पिता ने पहले बेटी को जान से मार दिया और उसके बाद खुद भी आत्महत्या कर ली।
चौंकाने वाली ये घटना आज राजस्थान के अजमेर शहर में सामने आई। यहां नसीराबाद रोड़ पर स्थित नगरा क्षेत्र में रहने वाले पिता रामबाबू ने अपनी ही 22 साल की बेटी हिमांद्री की हत्या कर दी। इसके बाद उसने खुद भी विषाक्त खा मौत को गले लगा लिया। घटना का खुलासा तब हुआ जब पड़ौसी जगाने के लिए कमरे में गया। उसने देखा कि दोनों कमरे में मृत पड़े हैं और उनके मुंह से झाग निकल रहा है। ये देख तुरंत उसने आसपास के लोगों को जानकारी दी। तब जाकर मौके पर अलवर गेट थाना पुलिस पहुंची और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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चौंकाने वाली ये घटना आज राजस्थान के अजमेर शहर में सामने आई। यहां नसीराबाद रोड़ पर स्थित नगरा क्षेत्र में रहने वाले पिता रामबाबू ने अपनी ही 22 साल की बेटी हिमांद्री की हत्या कर दी। इसके बाद उसने खुद भी विषाक्त खा मौत को गले लगा लिया। घटना का खुलासा तब हुआ जब पड़ौसी जगाने के लिए कमरे में गया। उसने देखा कि दोनों कमरे में मृत पड़े हैं और उनके मुंह से झाग निकल रहा है। ये देख तुरंत उसने आसपास के लोगों को जानकारी दी। तब जाकर मौके पर अलवर गेट थाना पुलिस पहुंची और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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इसलिए उठाया ये कदम
मृतक पिता और बेटी
- फोटो : amar ujala
बताया जा रहा है कि रामबाबू की बेटी मानसिक रूप से कमजोर थी। इसके चलते वह ना तो बोल सकती थी और ना ही ठीक तरह से चल-फिर सकती थी। ऐसे मे पोस्ट आॅफिस में काम करने वाले पिता रामबाबू ने बेटी की सेवा करने के लिए दो साल पहले नौकरी भी छोड़ दी। इसी दौरान वह बेटी की बीमारी को देख परेशान रहने लगा।
पड़ोसी गिरिराज खण्डेलवाल ने बताया कि रात्रि में दस बजे तक तो रामबाबू के घर में चहल पहल सुनाई दी थी। सुबह जब दूधवाला आया और उसने घंटी बजाई तो कोई जवाब नहीं मिला। इस पर उसने खुद रामबाबू को फोन किया, लेकिन वहां से भी नो आंसर ही आया। इसके बाद जब घर में जाकर देखा तो दोनों को इस हाल में देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। डाॅक्टर को भी वहां बुलवाया गया लेकिन डाॅक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पड़ोसी गिरिराज खण्डेलवाल ने बताया कि रात्रि में दस बजे तक तो रामबाबू के घर में चहल पहल सुनाई दी थी। सुबह जब दूधवाला आया और उसने घंटी बजाई तो कोई जवाब नहीं मिला। इस पर उसने खुद रामबाबू को फोन किया, लेकिन वहां से भी नो आंसर ही आया। इसके बाद जब घर में जाकर देखा तो दोनों को इस हाल में देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। डाॅक्टर को भी वहां बुलवाया गया लेकिन डाॅक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।