REET में पास करवाने की एवज में मांगे 3 लाख रुपये, धरे गए तीन शातिर ठग
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राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (रीट)- 2018 का पेपर उपलब्ध करवाने और पास करवाने की एवज में तीन लाख रुपयों की मांग करने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को पुलिस ने आज गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों के कब्जे से 34 हजार रुपये, मोबाइल फोन व अभ्यर्थी के असली दस्तावेज पुलिस ने बरामद किए है। डीसीपी पश्चिम अशोक गुप्ता ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी भोमाराम जाट निवासी बड़ी खाटू, नागौर हाल मंगलम सिटी, हाथोज है। दूसरा आरोपी सत्येंद्र सिंह गांव टीबा बसई, खेतड़ी झुंझुनूं तथा तीसरा आरोपी आशीष कुमार निवासी हाउसिंग बोर्ड कोतवाली, झुंझुनूं है।
ठगी की वारदात इंदिरा वर्मा कॉलोनी, शास्त्री नगर निवासी राम सैन से हुई। उसने 12 फरवरी को बनीपार्क थाने पहुंचकर मुकदमा दर्ज करवाया। जिसमें बताया कि भोमाराम जाट नाम के व्यक्ति की राम सैन के साले राजेंद्र सैन से मुलाकात हुई थी। तब भोमाराम ने राजेंद्र सैन से बातचीत कर रीट परीक्षा में पास करवाने की बात कही। साथ ही, 3 लाख रूपए देने पर रीट प्रतियोगी परीक्षा का पेपर उपलब्ध करवाने की बात कही।
असली दस्तावेज ले लेते हैं
पीड़ित के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि सीआर चौधरी से नजदीकी जान पहचान है। इसी तरह, पीड़ित राजेंद्र सैन को झांसे में लेकर आरोपियों ने उसके मूल दस्तावेज, बतौर एडवांस 34 हजार रुपये नकद और बाकी एक चैक ले लिया।
इसके बाद कोई पेपर नहीं दिया और रुपये हड़प गए। मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने पड़ताल शुरू की। तब सामने आया कि आरोपी भोमाराम व सत्येंद्र सिंह परीक्षा में पास करवाने का झांसा देकर भोले-भाले लोगों से रुपये और असली दस्तावेज ले लेते हैं।
कोचिंग संचालक है सरगना, पुलिस दबिश से पहले फरार
इन दस्तावेजों व रुपयों को आशीष को दे देते है। इसके बाद आरोपी आशीष इन रुपयों और दस्तावेजों को झोटवाड़ा में शेखावाटी नाम से प्रतियोगी परीक्षा की कोचिंग चलाने वाले सीआर चौधरी को दे देता है। वह इस गैंग का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। पुलिस ने सीआर चौधरी के घर दबिश दी तब तक वह फरार हो गया। उसकी तलाश जारी है। वहीं, तीनों आरोपियों को आज कोर्ट में पेशकर रिमांड पर लिया गया।