{"_id":"59ec9b0c4f1c1b8d698b700e","slug":"congress-told-black-law-and-burnt-effigy-of-cm","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांग्रेस ने बताया काला कानून और जलाया पुतला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांग्रेस ने बताया काला कानून और जलाया पुतला
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 22 Oct 2017 06:50 PM IST
विज्ञापन
कांग्रेस ने जयपुर में सीएम राजे का पुतला जलाया
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजस्थान में सांसद-विधायक, जज और अफसर के खिलाफ मामला दर्ज करवाने से पहले सरकार की मंजूरी लेने संबंधी बिल बढ़ता जा रहा है। इसके विरोध में आज कांग्रेस ने मोर्चा खोला और जयपुर में सीएम वसुंधरा राजे का पुतला जलाया।
जनप्रतिनिधियों और लोकसेवकों के खिलाफ मामला दर्ज कराने से पहले राज्य सरकार की मंजूरी लेने और बिना सरकार की मंजूरी मीडिया में ऐसे अफसरों का नाम छापने पर कार्रवाई करने संबंधी प्रावधान इस बिल में शामिल है। इसके विरोध में आज जयपुर शहर कांग्रेस के अध्यक्ष प्रतापसिंह खाचरियावास के नेतृत्व में यहां कलेक्ट्रेट सर्किल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सीएम राजे और बिल की प्रतियां जलाई।
खाचरियावास ने कहा कि भाजपा न्याय पालिका के अधिकार कम करके आम आदमी के मूल अधिकार समाप्त करने का षडयंत्र रच रही है। इस नए बिल के पास होने से सीआरपीसी की धारा 156 -3, व 190 के तहत अब मजिस्ट्रेट राज्य सरकार की स्वीकृति से पहले किसी भी मामले में जांच का आदेश नहीं दे सकेंगे। उन्होंने इसे काला कानून बताया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसका विरोध करती है। जब तक यह कानून वापस लेने की घोषणा नहीं होती, कांग्रेस मुख्यमंत्री और मंत्रियों के सार्वजनिक कार्यक्रमों का बहिष्कार करेगी।
विज्ञापन
जनप्रतिनिधियों और लोकसेवकों के खिलाफ मामला दर्ज कराने से पहले राज्य सरकार की मंजूरी लेने और बिना सरकार की मंजूरी मीडिया में ऐसे अफसरों का नाम छापने पर कार्रवाई करने संबंधी प्रावधान इस बिल में शामिल है। इसके विरोध में आज जयपुर शहर कांग्रेस के अध्यक्ष प्रतापसिंह खाचरियावास के नेतृत्व में यहां कलेक्ट्रेट सर्किल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सीएम राजे और बिल की प्रतियां जलाई।
विज्ञापन
खाचरियावास ने कहा कि भाजपा न्याय पालिका के अधिकार कम करके आम आदमी के मूल अधिकार समाप्त करने का षडयंत्र रच रही है। इस नए बिल के पास होने से सीआरपीसी की धारा 156 -3, व 190 के तहत अब मजिस्ट्रेट राज्य सरकार की स्वीकृति से पहले किसी भी मामले में जांच का आदेश नहीं दे सकेंगे। उन्होंने इसे काला कानून बताया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसका विरोध करती है। जब तक यह कानून वापस लेने की घोषणा नहीं होती, कांग्रेस मुख्यमंत्री और मंत्रियों के सार्वजनिक कार्यक्रमों का बहिष्कार करेगी।