Bharat Jodo Yatra: गहलोत ने कहा- हमने सोनिया जी से कहा था, अगर आप अध्यक्ष नहीं बनीं तो इतिहास माफ नहीं करेगा
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर गांधी परिवार से ही कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की पैरवी की है। गहलोत ने कहा, गांधी परिवार की देश में आज क्रेडिबिलिटी है। इसलिए हर व्यक्ति चाहता है, गांधी परिवार से ही अध्यक्ष बने। गांधी परिवार फैसला करते वक्त अपना पराया नहीं देखते, फैसला वही करते हैं, जो पार्टी हित में हो।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कांग्रेस पार्टी की भारत जोड़ो यात्रा कन्याकुमारी से निकल रही है। वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस के भीतर राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर उथल-पुथल का दौर जारी है। इस बीच कांग्रेस में राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रबल उम्मीदवार राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर दोहराया है, राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष पद को अपनाएं। सब कह रहे हैं कि राहुल गांधी अध्यक्ष बनें। हम सब लोग उनके पीछे इसलिए पड़े हैं कि राहुल गांधी अध्यक्ष बनेंगे तो पार्टी एकुजट रहेगी। गहलोत कन्याकुमारी में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत से पहले मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
गहलोत ने कहा, लोकसभा चुनाव में कामयाब नहीं हुए तो नैतिकता के आधार पद इस्तीफा दे दिया। वर्किंग कमेटी में राहुल गांधी ने कहा था, अध्यक्ष नहीं बनूंगा। लेकिन कांग्रेस कहेगी वह काम करूंगा। हम चाहते हैं, वे अध्यक्ष बने, हम चुनौतियों का मुकाबला करेंगे।
राहुल गांधी को कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष बनने की बात कहते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, दुनिया के इतिहास में कभी ऐसा नहीं हुआ कि कोई राजनीतिक परिवार 30 साल से राजनीति से दूर रहा हो। इस परिवार से न कोई प्रधानमंत्री बना और न ही कोई केंद्रीय मंत्री। ऐसा नहीं है कि इस परिवार को मौका नहीं मिला, बल्कि सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री का मौका मिला तो उन्होंने डॉ. मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बना दिया।
गहलोत ने सोनिया गांधी का उदाहरण देते हुए कहा, सोनिया गांधी को राजनीति में कोई इंटरेस्ट नहीं था। लेकिन उस समय कांग्रेस बिखर रही थी तो कांग्रेस को एकजुट करने के लिए हम सब लोगों ने सोनिया गांधी से यह रिक्वेस्ट की थी कि वह पार्टी की कमान संभालें। उस समय हम लोगों ने सोनिया गांधी से यह कहा था कि देश हित में कांग्रेस का रहना आवश्यक है। गांधी परिवार ने पंडित नेहरू से लेकर अब तक कांग्रेस को नेतृत्व प्रदान किया है। अगर कांग्रेस संकट में हो और आप परिवार की वारिस होकर भी अगर कांग्रेस अध्यक्ष का पद स्वीकार नहीं करेंगी और कांग्रेस बिखर गई तो आपको भी इतिहास माफ नहीं करेगा। गहलोत ने कहा, हमें सोनिया गांधी को यह शब्द कहने पड़े थे, तब जाकर वह राजनीति में आईं और आज 20 साल बाद जो लोग उन्हें विदेशी कहते थे, आज उनका सम्मान करते हैं।
गहलोत ने कहा, राहुल गांधी प्यार मोहब्बत में यकीन करने वाला गांधीवादी इंसान है। मैं राहुल गांधी के साथ रहा हूं, वह बहुत प्यारा इंसान है। इसीलिए राहुल गांधी भावुकता में संसद में पीएम मेदी से गले मिलने चले गए। मोदी अगर खड़े होकर गले लग जाते तो उनका बड़प्पन ही दिखता। करोड़ों खर्च करके राहुल गांधी की इमेज खराब करने के लिए सोशल मीडिया पर पांच हजार लोगों की टीम लगा रखी है। बीजेपी वाले जनसंघ के जमाने से ही कांग्रेस के नंबर वन नेता की इमेज खराब करने का अभियान चलाते रहे हैं।
गृह युद्ध की तरफ जा सकता है देश
गहलोत ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर निशाना साधते हुए बढ़ते धार्मिक तनाव से आगे गृह युद्ध जैसे हालात पैदा होने की चेतावनी दी है। बीजेपी और केंद्र सरकार के इरादे नेक नहीं हैं। देश में धर्म और जाति के नाम पर आपसी नफरत पैदा हो चुकी है। ध्रुवीकरण इतना हो चुका है कि लोगों के बीच नफरत पैदा हो गई है। अगर इसको संभाला नहीं गया तो देश गृह युद्ध की तरफ जा सकता है।
गहलोत ने कहा, आज मोहल्लों में जहां बहुसंख्यक लोग रहते हैं। वहां माइनोरिटी के लोग डरे हुए रहते हैं। माइनोरिटी के लोगों के मन में चिंता रहती है कि हमारा क्या होगा। चाहे वे हिंदू हो या मुसलामान दोनों डरे रहते हैं। देश में इस तरह की घटनाएं होने लगी हैं वे सबके सामने हैं।
गहलोत ने कहा, राहुल गांधी बार-बार कहते हैं जहां डर होती है वहां हिंसा होती है। नफरत के कारण राहुल गांधी ने अपने पिता और दादी को खोया। ऐसा नौजवान जिसमें देश प्रेम भावना कूट-कूटकर भरी है, वह कह रहा है कि मैं अपने प्यारे देश को नफरत की भेंट नहीं चढ़ने दूंगा। प्रधानमंत्री के पास अब भी समय है, वे राहुल गांधी की यात्रा के मैसेज को समझें। यह वक्त है हम किस प्रकार से हालात बदलें। वर्तमान पीढ़ी को देश का इतिहास सही तरीके से नहीं बताया तो वह कभी माफ नहीं करेगी।
गहलोत ने कहा, देश का सामाजिक ताना-बाना कमजोर हो रहा है। इसके लिए ही राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा निकाली जा रही है। केंद्र सरकार हर मोर्चे पर फेल साबित हुई है। जीएसटी को तमाशा बना रखा है। महंगाई की मार कमर तोड़ चुकी है, देश में हाहाकार मचा है। भगवान करे हालत ऐसे नहीं बने, भगवान पीएम मोदी और अमित शाह को सद्बुद्धि दें।