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CSR से 30 गांवों के 60 हजार लोगों को मिलेगा लाभ
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 30 May 2017 04:08 PM IST
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ग्रामीण विकास इनिशएटिव परियोजना की हुई लॉचिंग
- फोटो : अमर उजाला
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सीएसआर के जरिए भरतपुर जिले के 30 गांवों के करीब 60 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। इसे लेकर मंगलवार को उद्योग आयुक्त एवं सचिव सीएसआर कुंजी लाल मीणा ने ग्रामीण विकास इनिशएटिव परियोजना की लॉचिंग की। मीणा ने आईटी सॉल्यूशन कंपनी एसएपी के सहयोग से स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण गतिविधियों के संचालन वाली इस ग्रामीण विकास इनिशएटिव परियोजना की शुरुआत की।
सीएसआर सचिव कुंजी लाल मीणा ने बताया कि इस समय प्रदेश में कारपोरेट सोशियल रेस्पांसब्लिटी के तहत 103 कंपनियों के सहयोग से 422 परियोजनाओं का संचालन किया जा रहा है। प्रदेश में कार्यरत उद्योगों द्वारा सर्वाधिक 101 परियोजनाएं स्वास्थ्य सुरक्षा, भूख व गरीबी उन्मूलन जैसी गतिविधियों के लिए संचालित की जा रही है। कारपोरेट सामाजिक दायित्व के तहत ही शैक्षिक गतिविधियों के लिए 86 परियोजनाएं संचालित हो रही है। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण, सामुदायिक विकास, जल संरक्षण, स्वच्छ भारत अभियान, रोजगार व कौशल विकास, खेल विकास, पुरा संपदा संरक्षण, कला एवं संस्कृति सहित अन्य सीधे आम आदमी से जुड़ी गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना में भी सीएसआर गतिविधियों का प्रमुखता से संचालन हो रहा है और एसएपी इसमें भागीदारी की भी पहल करे।
एसएपी लेब्स इण्डिया के प्रबंध निदेशक और कार्यकारी उपाध्यक्ष इन्टरप्राइज क्लाउड सर्विसेज दिलीप कुमार खण्डेलवाल ने बताया कि कंपनी द्वारा राजस्थान सीएसआर विभाग के समन्वय और निर्देशन में होप फाउण्डेशन के माध्यम से सीएसआर गतिविधि का संचालन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राजस्थान में सीएसआर गतिविधि के पहले चरण में भरतपुर जिले के महला, जाटोली, पीपला और हातौन पंचायतों के 30 गांवों के 2 हजार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण षिक्षा, 2600 युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण से स्वरोजगार के योग्य बनाने, इन गांवों में सुरक्षित पेयजल और 1700 नागरिकों के लिए शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
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सीएसआर सचिव कुंजी लाल मीणा ने बताया कि इस समय प्रदेश में कारपोरेट सोशियल रेस्पांसब्लिटी के तहत 103 कंपनियों के सहयोग से 422 परियोजनाओं का संचालन किया जा रहा है। प्रदेश में कार्यरत उद्योगों द्वारा सर्वाधिक 101 परियोजनाएं स्वास्थ्य सुरक्षा, भूख व गरीबी उन्मूलन जैसी गतिविधियों के लिए संचालित की जा रही है। कारपोरेट सामाजिक दायित्व के तहत ही शैक्षिक गतिविधियों के लिए 86 परियोजनाएं संचालित हो रही है। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण, सामुदायिक विकास, जल संरक्षण, स्वच्छ भारत अभियान, रोजगार व कौशल विकास, खेल विकास, पुरा संपदा संरक्षण, कला एवं संस्कृति सहित अन्य सीधे आम आदमी से जुड़ी गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना में भी सीएसआर गतिविधियों का प्रमुखता से संचालन हो रहा है और एसएपी इसमें भागीदारी की भी पहल करे।
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एसएपी लेब्स इण्डिया के प्रबंध निदेशक और कार्यकारी उपाध्यक्ष इन्टरप्राइज क्लाउड सर्विसेज दिलीप कुमार खण्डेलवाल ने बताया कि कंपनी द्वारा राजस्थान सीएसआर विभाग के समन्वय और निर्देशन में होप फाउण्डेशन के माध्यम से सीएसआर गतिविधि का संचालन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राजस्थान में सीएसआर गतिविधि के पहले चरण में भरतपुर जिले के महला, जाटोली, पीपला और हातौन पंचायतों के 30 गांवों के 2 हजार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण षिक्षा, 2600 युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण से स्वरोजगार के योग्य बनाने, इन गांवों में सुरक्षित पेयजल और 1700 नागरिकों के लिए शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
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