{"_id":"596c949d4f1c1b55708b45ea","slug":"homosexuals-in-china-people-fierce-on-vibe","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"चीन में समलैंगिकों की शामत, वीबो पर भड़के लोग","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
चीन में समलैंगिकों की शामत, वीबो पर भड़के लोग
बीबीसी हिन्दी
Updated Mon, 17 Jul 2017 04:43 PM IST
विज्ञापन
Homosexuals in China
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चीन में इंटरनेट पर समलैंगिक संबंधों को दिखाने वाले वीडियो ब्लॉक किए जा रहे हैं। इसे लेकर चीन की माइक्रोब्लॉगिंग साइट वीबो पर जमकर बहस छिड़ी हुई है। कई वीबो यूजर सरकार के इस फ़ैसले का विरोध कर रहे हैं। कुछ नाराज़ हैं तो कुछ हताश लग रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, "सभी लोग एक समान हैं।
सरकार आख़िर किस अधिकार से समलैंगिकों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपना रही है"। एक अन्य ने लिखा है, "क्या समलैंगिक इंसान नहीं हैं? सरकार उन्हें अछूत साबित क्यों करना चाह रही है"।
यह पूरी बहस उस फ़ैसले के बाद छिड़ी। जिसमें सरकार ने इंटरनेट से समलैंगिकता को बढ़ावा देने वाले वीडियो हटाने का निर्णय लिया था। जुलाई के शुरुआती दिनों में लागू किए गए नियम में समलैंगिक लोगों को 'एबनॉर्मल' बताया गया है। इसके तहत समलैंगिक सेक्स वीडियो के साथ-साथ उन वीडियो पर भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
जिसमें समलैंगिक जोड़ों को दिखाया गया है। ऐसे वीडियो पर नज़र रखने के लिए विशेष रूप से सेंसरशिप टीम का गठन किया गया है। जो वीडियो डिलीट करने का काम कर रही है।
सोशल मीडिया में इस मुद्दे से जुड़ी बहस तेज हो गई है। इससे संबंधित हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। इसके अलावा सेंसरशिप करने वाली टीम वेश्यवृति, नशाखोरी, विवाहेत्तर संबंध जैसे मुद्दों को दर्शाने वाले वीडियो पर भी कार्रवाई कर रही है। सेंसर के लिए कुल 84 श्रेणियां बनाई गई हैं।
यहां तक की भड़कीले व्यवहार जैसे चुंबन तक दर्शाने वाले वीडियो भी डिलीट किए जा रहे हैं।सरकार के निर्देशों के अनुसार इंटरनेट पर लगाए गए वीडियो चीन को महान राष्ट्र बनने के सपने में मददगार साबित होने चाहिए।
सरकार आख़िर किस अधिकार से समलैंगिकों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपना रही है"। एक अन्य ने लिखा है, "क्या समलैंगिक इंसान नहीं हैं? सरकार उन्हें अछूत साबित क्यों करना चाह रही है"।
विज्ञापन
यह पूरी बहस उस फ़ैसले के बाद छिड़ी। जिसमें सरकार ने इंटरनेट से समलैंगिकता को बढ़ावा देने वाले वीडियो हटाने का निर्णय लिया था। जुलाई के शुरुआती दिनों में लागू किए गए नियम में समलैंगिक लोगों को 'एबनॉर्मल' बताया गया है। इसके तहत समलैंगिक सेक्स वीडियो के साथ-साथ उन वीडियो पर भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
जिसमें समलैंगिक जोड़ों को दिखाया गया है। ऐसे वीडियो पर नज़र रखने के लिए विशेष रूप से सेंसरशिप टीम का गठन किया गया है। जो वीडियो डिलीट करने का काम कर रही है।
सोशल मीडिया में इस मुद्दे से जुड़ी बहस तेज हो गई है। इससे संबंधित हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। इसके अलावा सेंसरशिप करने वाली टीम वेश्यवृति, नशाखोरी, विवाहेत्तर संबंध जैसे मुद्दों को दर्शाने वाले वीडियो पर भी कार्रवाई कर रही है। सेंसर के लिए कुल 84 श्रेणियां बनाई गई हैं।
यहां तक की भड़कीले व्यवहार जैसे चुंबन तक दर्शाने वाले वीडियो भी डिलीट किए जा रहे हैं।सरकार के निर्देशों के अनुसार इंटरनेट पर लगाए गए वीडियो चीन को महान राष्ट्र बनने के सपने में मददगार साबित होने चाहिए।
Homosexuals in China
सरकार के इस फ़ैसले की चीन की पहली सेक्सॉलाजिस्ट ली यिनहे ने तीखी अलोचना की है. वो कहती हैं। "सरकार की नज़र में समलैंगिकता अश्लील है। इससे चीन का समलैंगिक तबका ग़ुस्से में है"।
ली यिनहे ने बीबीसी से कहा कि उन्होंने सोशल साइट वीबो पर फ़ैसले की आलोचना करते हुए एक लेख लिखा। ली ने अपने लेख में सरकार से इस फ़ैसले को वापस लेने की मांग की लेकिन वेबसाइट ने कुछ की घंटों में इसे हटा दिया।
चाइना नेटकास्टिंग सर्विसेज एसोसिएशन की ओर से जारी किए गए दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि जांचकर्ता इंटरनेट पर सभी सामग्रियों की जांच करते हैं। सोसिएशन के अनुसार इंटरनेट पर पोस्ट की गई सभी तरह की सामग्री चीन के समाजवाद की उन्नत संस्कृति को बढ़ावा देने वाली होनी चाहिए।
एक साल पहले बीजिंग में टीवी पर समलैंगिकता को प्रोत्साहित करने वाले कार्यक्रमों पर रोक लगा दी गई थी. चीन में कई गे-डेटिंग ऐप्स भी बंद किए गए हैं। इस साल मई में लेज़्बियन डेटिंग ऐप रेला पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था. इस ऐप को करीब 50 लाख महिला समलैंगिक इस्तेमाल कर रही थीं।
लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में सोशल पॉलिसी एंड डेवलपमेंट पढ़ाने वाले प्रोफ़ेसर टिम हिल्डेब्रांडेट कहते हैं, "सरकार का यह फ़ैसला चकित करने वाला है, क्योंकि चीन में समलैंगिकों को सामाजिक स्वीकार्यता मिल रही है. लोग ऐसे कपल से ख़तरा महूसस नहीं कर रहे हैं"।
अमरीका में पढ़ाई कर रहे एक समलैंगिक छात्र वेनजिंग कहते हैं, "इस तरह की कार्रवाई से ऐसा लग रहा है कि चीन में सांस्कृतिक युद्ध हो रहा है"। वेनजिंग कहते हैं कि सरकार सिर्फ समलैंगिकता के ख़िलाफ़ नहीं है बल्कि अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों पर भी नज़र रख रही है।
ली यिनहे ने बीबीसी से कहा कि उन्होंने सोशल साइट वीबो पर फ़ैसले की आलोचना करते हुए एक लेख लिखा। ली ने अपने लेख में सरकार से इस फ़ैसले को वापस लेने की मांग की लेकिन वेबसाइट ने कुछ की घंटों में इसे हटा दिया।
चाइना नेटकास्टिंग सर्विसेज एसोसिएशन की ओर से जारी किए गए दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि जांचकर्ता इंटरनेट पर सभी सामग्रियों की जांच करते हैं। सोसिएशन के अनुसार इंटरनेट पर पोस्ट की गई सभी तरह की सामग्री चीन के समाजवाद की उन्नत संस्कृति को बढ़ावा देने वाली होनी चाहिए।
एक साल पहले बीजिंग में टीवी पर समलैंगिकता को प्रोत्साहित करने वाले कार्यक्रमों पर रोक लगा दी गई थी. चीन में कई गे-डेटिंग ऐप्स भी बंद किए गए हैं। इस साल मई में लेज़्बियन डेटिंग ऐप रेला पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था. इस ऐप को करीब 50 लाख महिला समलैंगिक इस्तेमाल कर रही थीं।
लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में सोशल पॉलिसी एंड डेवलपमेंट पढ़ाने वाले प्रोफ़ेसर टिम हिल्डेब्रांडेट कहते हैं, "सरकार का यह फ़ैसला चकित करने वाला है, क्योंकि चीन में समलैंगिकों को सामाजिक स्वीकार्यता मिल रही है. लोग ऐसे कपल से ख़तरा महूसस नहीं कर रहे हैं"।
अमरीका में पढ़ाई कर रहे एक समलैंगिक छात्र वेनजिंग कहते हैं, "इस तरह की कार्रवाई से ऐसा लग रहा है कि चीन में सांस्कृतिक युद्ध हो रहा है"। वेनजिंग कहते हैं कि सरकार सिर्फ समलैंगिकता के ख़िलाफ़ नहीं है बल्कि अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों पर भी नज़र रख रही है।