US: भारतीय डॉक्टरों पर 'खतना' का आरोप, दो नाबालिग लड़कियां बनीं शिकार
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अमेरिका में दो नाबालिग लड़कियों के जननांगों से छेड़छाड़ का आरोप भारतीय दंपत्ति और उनकी दोस्त पर लगा है। इन तीनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपी डॉक्टर, उसकी पत्नी और डॉक्टर दोस्त इस पूरे कारनामे में शामिल हैं।
बता दें कि लड़कियों के साथ की गई इस हरकत को खतना कहा जाता है। महिलाओं का खतना यानी उनके जननांग के बाहरी हिस्से क्लिटोरिस को रेजर ब्लेड से काट देना होता है। अंग्रेजी में इसे फीमेल जेनिटल म्यूटीलेशन (एफजीएम) कहा जाता है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक मिशिगन के रहने वाले डॉक्टर फखरुद्दीन अत्तर, उनकी पत्नी फरीदा अत्तर ने इस क्रूर हरकत को अंजाम दिया है। बताया जा रहा है कि फखरुद्दीन के क्लिनीक में लड़कियों के साथ ये सब हुआ है। बाद में 21 अप्रैल को फखरुद्दीन को गिरफ्तार किया गया।
5 से 6 साल की बच्चियों को बनाया शिकार
एफजीएम के लिए इन दोनों की मदद भारतीय मूल की डॉक्टर जमुना नागरवाला ने भी की है। जांच में पाया गया कि नागरवाला दोनों पति-पत्नी के क्लीनिक में लड़कियों का खतना किया करता थी। पता चला कि वो ज्यादातर फखरुद्दीन के क्लीनिक पर ही रहती थी। उसकी नजर 5 से 6 साल की लड़कियों पर रहती थी।
तीनों को ये मालूम पड़ गया था कि उन पर कानूनी शिकंजा कसने वाला है इसलिए उन्होंने लोगों से झूठा बयान देने की अपील भी की। इन तीनों ने कई लड़कियों को अपना शिकार बनाया है। अमेरिका के कानून 1998 के तहत इस क्राइम को 5 साल तक जेल काटनी पड़ सकती है। कड़ा कानून होने के बावजूद अमेरिका में आज भी इस अपराध को अंजाम दिया जाता है।
फोरेंसिक जांच कर्ताओं ने एक पीड़ित से पूछताछ कर सच तक जाने की कोशिश की। पीड़ित ने बताया कि उसे स्पेशल गिफ्ट देने के नाम पर डॉक्टर के यहां ले जाया गया, जहां दूसरी लड़कियों भी मौजूद थी। इसके बाद लड़की को नागरवाला के पास पहुंचा दिया गया, जिसने उसके साथ भी कथित तौर ऐसा ही किया।