इस्तीफा देंगे नगालैंड के सीएम, मांगा तीन दिन का समय
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नगालैंड में महिला आरक्षण के मुद्दे पर होने वाले बवाल के बीच आंदोलनकारियों की मांग के समक्ष झुकते हुए मुख्यमंत्री टीआर जेलियांग ने इस्तीफा देने का फैसला किया है। उन्होंने इसके लिए दो-तीन दिन की मोहलत मांगी है। इस बीच, सत्तारूढ़ नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के विधायकों ने पार्टी अध्यक्ष एस. लेजित्सु को विधायक दल का नया नेता चुन लिया है। इसके बाद उनका मुख्यमंत्री बनना तय है।
मुख्यमंत्री जेलियांग ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर आंदोलन करने वाली नगालैंड ट्राइब्स एक्शन कमेटी (एनटीएसी) के संयोजक केटी विली को एक पत्र भेज कर इस्तीफे के अपने फैसले की जानकारी दी है और इसके लिए दो-तीन दिन की मोहलत मांगी है। सूत्रों ने बताया कि अपने विधायकों की बगावत के बाद ही जेलियांग ने मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने का फैसला किया।
जेलियांग ने अपने पत्र में लिखा है कि वे अपने इस्तीफे की कमेटी की मांग से अवगत हैं। उन्होंने कहा कि अब तक तमाम फैसले व संबंधित पक्षों को साथ लेकर ही किए गए हैं। भविष्य में भी ऐसा ही होगा। जेलियांग राज्यपाल के साथ बृहस्पतिवार को अचानक दिल्ली चले गए।
उन्होंने वहां केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर राज्य की परिस्थिति की जानकारी दी। नगालैंड के राज्यसभा सदस्य कीजी केनी ने पत्रकारों को बताया कि एनपीएफ विधायकों ने एस.लेजित्सुु को आम राय से विधायक दल का नेता चुन लिया है। राज्यपाल के दिल्ली से लौटते ही वे उनसे मिल कर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।
केनी ने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री बनने के बाद लेजित्सु राज्य में जारी मौजूदा संकट पर अंकुश लगाने में कामयाब रहेंगे। उन्होंने कहा कि जेलियांग की जगह लेजित्सु को नया नेता नहीं चुनने की स्थिति में राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने का अंदेशा था।
बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक समुदाय एक-दूसरे को परेशान ना करें
मणिपुर के मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह ने शुक्रवार को कहा कि राज्य के सभी जातीय समूहों और बहुसंख्यकों को अल्पसंख्यक समुदायों को परेशान नहीं करना चाहिए और अल्पसंख्यकों को भी इसका ध्यान रखना चाहिए।
कांग्रेस कार्यालय में एक कार्यक्रम में इबोबी सिंह ने कहा कि कांग्रेस ऐसी पार्टी है जो जाति, नस्ल और धर्म के संबंध में हर किसी का सम्मान करती है। मणिपुर सभी जाति और धर्म के लोगों का राज्य है। हम सभी भारतीय हैं और बहुसंख्यक लोगों को अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को परेशान नहीं करना चाहिए। साथ ही अल्पसंख्यकों को भी इसका ध्यान रखना चाहिए कि वे बहुसंख्यकों को परेशान न करें।
यूनाइटेड नगा काउंसिल (यूएनसी) ने मणिपुर का विभाजन कर सात नए जिले बनाने और सदर हिल्स को पूरी तरह जिला बनाने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ एक नवंबर 2016 से अनिश्चितकाल के लिए आर्थिक नाकाबंदी कर रखी है।
बहरहाल, राज्य सरकार ने दावा किया था कि यह निर्णय प्रशासनिक दक्षता में ‘सुधार’ के लिए लिया गया। इस बीच, मणिपुर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी विवेक कुमार देवनगन ने बृहस्पतिवार को कहा था कि नाकाबंदी से राज्य में चुनाव प्रक्रिया पर असर नहीं पड़ेगा। राज्य में 4 और 8 मार्च को विधानसभा चुनाव होने हैं।