फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Zakir Naik foundation converted many people to islam

'नाइक की संस्था ने 800 लोगों का कराया धर्मांतरण, देता था 50 हजार रुपए'

Tue, 26 Jul 2016 12:56 PM IST
मुंबई
मुंबई Updated Tue, 26 Jul 2016 12:56 PM IST
विज्ञापन
 Zakir Naik foundation converted many people to islam
मुंबई पुलिस की स्पेशल ब्रांच ने दावा किया है कि विवादित मुस्लिम धर्मगुरु जाकिर नाइक और उनकी नॉन प्रॉफिट इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) ने पैसे देकर इलीगल रूप से तकरीबन 800 लोगों का धर्मांतरण कराया। इसके लिए प्रति व्यक्ति 50 हजार रुपए पैसे दिए जाते थे।
विज्ञापन


यह धर्म परिवर्तन गैर कानूनी रूप से कराया गया और इसके लिए विदेशों से फंड इकट्ठा किया जाता था। बताते चलें कि अरशिद और रिजवान की गिरफ्तारी केरल में हुए एक धर्मांतरण के मामले में हुई। पूछताछ में पता चला कि दोनों पहले लोगों को मानसिक तौर पर तैयार करते थे और इसके बाद उनका धर्मांतरण करवाते थे।
विज्ञापन


बताया जा रहा है कि रिजवान मझगांव स्थित संस्था अल-बिर्र फाउंडेशन के लिए भी काम करता है। वहां धर्मांतरण और उसके बाद निकाह की गतिविधियों को अंतिम रूप दिया जाता है। इसके बाद अरशिद के डोंगरी स्थित ऑफिस में सभी डॉक्यूमेंट को तैयार किए जाते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) और केरला पुलिस ने अरशिद कुरैसी को नवी मुंबई स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया। अरशिद आईआरएफ में गेस्ट रिलेशन ऑफिसर हैं। वह धर्म परिवर्तन कराने के काम में सीधे तौर पर शामिल है।

इसके एक दिन बाद उसी टीम ने कल्याण इलाके में रहने वाले रिजवान खान को गिरफ्तार किया। उस पर भी धर्मांतरण और निकाह कराने में कथित रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आरोप है।
 

केरल में दर्ज हुआ था एफआईआर, लगाए गए थे गंभीर आरोप

 Zakir Naik foundation converted many people to islam
बताते चलें कि अरशिद और रिजवान के खिलाफ कोची के पलारिवट्टम पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराया गया था। आरोप है कि दोनों ने पलक्कड़ इलाके में रहने वाले ईसाई युवक बस्टिन विन्सेंट का धर्म परिवर्तन कराया और कई क्लास लेने के बाद इस्लामिक स्टेट को ज्वाइन करने के लिए विश्वास में लिया।

बस्टिन और उसकी पत्नी मेरिन जोकब (मरियम) कुछ समय से गायब थे। यह एफआईआर मरिन के भाई एबिन जेकब की शिकायत पर दर्ज हुआ है।

एबिन के मुताबिक, मरिन इदापल्ली के एक ईसाई परिवार से ताल्लुक रखती है। साल 2015 में उसकी मुलाकात मुंबई में काम करने वाले बस्टिन से हुई और कुछ समय बाद दोनों ने शादी कर ली। इसके बाद बस्टिन और अरशीद ने मरिन को इस्लामिक स्टेट ज्वाइन करने के लिए दबाव बनाया।

मरिन ने पहले इसका विरोध किया और केरल वापस लौटने की इच्छा जताई थी। एबिन ने दावा किया कि दोनों ने उस पर भी धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया था। वहीं मरिन के पेरेंट्स ने आरोप लगाया है कि बस्टिन और मरिन दोनों नाइक से मुंबई में मिलने के बाद कट्टरपंथी बने।


 

धर्मांतरण के बाद रिजवान कराता था निकाह

 Zakir Naik foundation converted many people to islam
पुलिस के मुताबिक, रिजवान एक मौलवी भी है। इसलिए वह धर्मांतरण के लिए तैयार लोगों को निकाह भी पढ़ाया करता था। इन सारी प्रक्रियाओं को पूरी करने के बाद रिजवान प्रति व्यक्ति वाउचर बनाता था और अरशी उस वाउचर के हिसाब से आईआरएफ की ओर से रिजवान को पेमेंट कराता था। आईआरएफ को सऊदी अरब सहित कई देशों से फंड मिलते हैं और उसी में से रिजवान को पैसे दिए जाते थे। प्रति वाउचर कम के कम 50 हजार रुपए कैस पे करता था।

सूत्रों के अनुसार, टीम ने कुछ और लोगों को आइडेंटिफाई किया है जो अरशिद और रिजवान के साथ शामिल थे। मुंबई पुलिस की विशेष शाखा जाकिर के खिलाफ अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट में धर्मांतरण संबंधी इन खुलासों का भी उल्लेख करेगी। यह रिपोर्ट मुंबई पुलिस आयुक्त दत्तात्रय पडसलगिकर को सौंपी जाएगी। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed