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Kerala:'मुक्त जीवन जीना चाहते हैं युवा, इसलिए बढ़ रहे लिव-इन रिश्ते', हाईकोर्ट ने शादी को लेकर कही बड़ी बात
Thu, 01 Sep 2022 02:39 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Thu, 01 Sep 2022 02:39 PM IST
सार
हाईकोर्ट ने कहा, 'आजकल की युवा पीढ़ी ने 'वाइफ' (WIFE) शब्द का अर्थ 'हमेशा के लिए परेशानी को न्यौता' (Worry Invited For Ever) मान लिया है। उन्होंने वाइफ के पुराने अर्थ 'हमेशा के लिए बुद्धिमानीपूर्ण निवेश' (Wise Investment For Ever) को भुला दिया है।
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लिव इन रिलेशनशिप।
- फोटो : प्रतीकात्मक
विस्तार
केरल हाईकोर्ट ने शादी के बगैर युवाओं में बढ़ते लिव-इन रिश्तों और शादी को लेकर युवाओं की राय पर अहम टिप्पणी की है। अपने एक हालिया फैसले में हाईकोर्ट ने 'यूज एंड थ्रो' की तरह बढ़ते उपभोक्तावाद पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे वैवाहिक रिश्तों पर असर पड़ा है।
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केरल हाईकोर्ट ने इस बात पर खेद जताया कि युवा पीढ़ी विवाह को एक 'बुराई' के रूप में देख रही है। उन्हें 'मुक्त जीवन का आनंद लेने' से बचना चाहिए। इस आजादी के कारण ही लिव-इन रिश्ते बढ़ रहे हैं। न्यायमूर्ति ए. मोहम्मद मुस्ताक और न्यायमूर्ति सोफी थॉमस की खंडपीठ ने विवाह संस्था की पवित्रता का जिक्र करते हुए अपने आदेश में कई अहम बातें कही हैं।
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समाज की अंतरआत्मा को झकझोर रहे हालात
हाईकोर्ट की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा, 'केरल भगवान के देश के रूप में जाना जाता है। यह कभी सुगठित पारिवारिक रिश्तों के लिए प्रसिद्ध था, लेकिन वर्तमान प्रवृत्ति कमजोर या स्वार्थी कारणों से अथवा विवाहेतर संबंधों के लिए, यहां तक कि अपने बच्चों की परवाह किए बिना विवाह बंधन को तोड़ती प्रतीत हो रही है। क्षुब्ध और तबाह परिवारों की चीखें पूरे समाज की अंतरात्मा को झकझोर रही हैं। परस्पर संघर्ष करते युगल, परित्यक्त बच्चे और हताश तलाकशुदा लोग हमारी आबादी का बड़ा हिस्सा बनते जा रहे हैं। निस्संदेह यह हमारी सामाजिक शांति पर विपरीत प्रभाव डालेगा। जीवन के साथ ही हमारे समाज का विकास थम जाएगा।' विवाह को लेकर युवा पीढ़ी के विचारों पर का खासतौर से जिक्र करते हुए हाईकोर्ट ने यह बातें कहीं।
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'वाइफ' को युवा मानते हैं 'वरी इनवाइटेड फॉरएवर'
हाईकोर्ट ने कहा, 'आजकल की युवा पीढ़ी सोचती है कि शादी के बुरी चीज है, इसे टालते हुए बगैर किसी दायित्व या जिम्मेदारी के लिए आनंददायक जीवन जिया जा सकता है। उन्होंने 'वाइफ' (WIFE) शब्द का अर्थ 'हमेशा के लिए परेशानी को न्यौता' (Worry Invited For Ever) मान लिया है। उन्होंने वाइफ के पुराने अर्थ 'हमेशा के लिए बुद्धिमानीपूर्ण निवेश' (Wise Investment For Ever) को भुला दिया है। उपयोग करो और फेंको की उपभोक्तावादी संस्कृति के कारण हमारे वैवाहिक रिश्ते प्रभावित हो रहे हैं। मात्र 'गुड बॉय' कह कर लिव इन रिश्ते तोड़े जा रहे हैं।' पति द्वारा दायर तलाक के एक मामले में हाईकोर्ट ने ये टिप्पणियां कीं।