बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

गांधी और धर्म की बजाए युवाओं को उच्च शिक्षा में भा रही है विदेशी भाषा, साक्षर महिलाएं सर्वाधिक बेरोजगार!

जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 12 Aug 2020 06:32 PM IST

सार

भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अखिल भारतीय सर्वेक्षण में पता चला है कि ग्रामीण क्षेत्र में पुरुषों की बजाए महिलाएं अधिक बेरोजगार पाई गई हैं। पोस्ट ग्रेजुएट महिलाओं की बेरोजगारी दर 36.8 फीसदी रही है, जबकि पुरुषों की 13.3 फीसदी है...
विज्ञापन
कॉलेज स्टूडेंट्स
कॉलेज स्टूडेंट्स - फोटो : अमर उजाला (फाइल)

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें

विस्तार

देश में भले ही अब नई शिक्षा नीति बन गई है, लेकिन अभी तक चली आ रही शैक्षणिक व्यवस्था में युवाओं को न तो गांधीवादी अध्ययन में रुचि है और न ही धार्मिक पढ़ाई-लिखाई की तरफ कोई रुझान है। इसके विपरित युवाओं को विदेशी भाषा की पढ़ाई सबसे ज्यादा आकर्षित कर रही है। रक्षा क्षेत्र, अपराध विज्ञान और फॉरेंसिक साइंस की पढ़ाई में भी युवाओं का मन नहीं लग रहा।
विज्ञापन

गांधीवादी अध्ययन में पीएचडी धारकों की संख्या देखें तो वह 61 है। रक्षा अध्ययन में 65 और अपराध विज्ञान की उच्च शिक्षा के लिए 44 युवा आगे आए हैं। विदेशी भाषा में 3694 युवाओं ने पीएचडी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। धार्मिक अध्ययन में 576 पीएचडी रजिस्ट्रेशन हुए हैं।


भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अखिल भारतीय सर्वेक्षण में पता चला है कि ग्रामीण क्षेत्र में पुरुषों की बजाए महिलाएं अधिक बेरोजगार पाई गई हैं। पोस्ट ग्रेजुएट महिलाओं की बेरोजगारी दर 36.8 फीसदी रही है, जबकि पुरुषों की 13.3 फीसदी है।

भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, 2018-19 के तहत पोस्ट ग्रेजुएशन के सामाजिक विज्ञान में 715743 युवाओं ने दाखिला लिया है। इसके करीब कई दूसरे कोर्स भी पहुंच रहे हैं।

ग्रामीण क्षेत्र में पुरुषों की बजाए महिलाएं अधिक बेरोजगार मिली हैं। पोस्ट ग्रुेजएट महिलाओं की बेरोजगारी दर 36.8 फीसदी रही है, जबकि पुरुषों की 13.3 फीसदी है। शहरी क्षेत्र में पुरुषों की तुलना में महिलाओं की बेरोजगारी दर अधिक है। पोस्ट ग्रेजुएट महिलाओं की बेरोजगारी दर 19.5 और पुरुषों की 8.6 फीसदी है।

कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय देशभर में 2016 से 2020 तक 12 हजार करोड़ रुपये खर्च कर अल्पकालिक प्रशिक्षण एवं पूर्व सीखने को मान्यता, कार्यक्रम चला रहा है। इस योजना को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) का नाम दिया गया है। इसमें अभ्यर्थी के निवास स्थान के जिले अथवा बाहर नियोजन के आधार पर दो व तीन माह के प्रशिक्षण के लिए महिलाओं सहित विशेष समूहों को प्रतिमाह प्रति प्रशिक्षण 1500 रुपये की मदद दी जाती है।
विज्ञापन
आगे पढ़ें

विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us