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Whatsaap का रंग बदलने के झांसे में आए तो चोरी हो जाएगा आपका पर्सनल डाटा
amarujala.com, Presented By: विकास जांगड़ा
Updated Fri, 19 May 2017 06:08 PM IST
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व्हाट्सएप
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क्या आप अपने मोबाइल पर व्हाट्सएप का रंग बदलना चाहते हैं? इस तरह का इनविटेशन स्वीकार करने से पहले दो बार सोचिए।
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दुनियाभर में मोबाइल फ़ोन के ज़रिए इस तरह का संदेश सर्कुलेट हो रहा है।
ये एक वेबसाइट है जिसका लोगो व्हाट्सएप की तरह है- बस फर्क है रंग का. व्हाट्सऐप का असल रंग हरा है, जबकि इसका रंग नीला है।
आप रंग बदलने के लिए ललचाए नहीं कि आपका फ़ोन वायरस की चपेट में आ जाएगा।
जानें कैसे बचें फर्जीवाड़े से
whatsapp
सबसे पहले वेब पर वेरिफाई करने के लिए कहा जाता है. ऐसा करने के लिए यूजर को इस यूआरएल को कम से कम 12 लोगों या व्हाट्सएप के सात ग्रुप को भेजना होता है।
इसे करने के बाद लिंक को एक्टिवेट करने के लिए कहा जाता है। इसके तुरंत बाद एक संदेश सामने आता है। नया व्हाट्सएप कलर सिर्फ़ डेस्कटॉपर एप्लिकेशन के लिए है।
इसके बाद यूजर को गूगल क्रोम के एक्सटेंशन 'ब्लैकव्हाट्स' इंस्टॉल करना होता है। ख़ास बात ये है कि ये फ़र्ज़ी वेबसाइट सिर्फ़ मोबाइल पर खुलती है। इसे पिशिंग कहा जाता है और इसका मक़सद टेलीफ़ोन या ईमेल के ज़रिए यूजर्स का निजी डेटा चुराना होता है।
इस फ़र्जीवाड़े में फंसने से कैसे बचें?
वेब एड्रेस को अच्छी तरह जाँच लें- .org इस बात की गारंटी नहीं है कि ये वेबसाइट आधिकारिक ही होगी. इसलिए इसे खोलते वक्त सावधानी बरतें।
संदिग्ध एक्सटेंशन को डाउनलोड न करें
इसे दूसरे लोगों के साथ साझा करने के लिए मजबूर करने का संदेश मिलते ही चौकन्ने हो जाएं.
इसे करने के बाद लिंक को एक्टिवेट करने के लिए कहा जाता है। इसके तुरंत बाद एक संदेश सामने आता है। नया व्हाट्सएप कलर सिर्फ़ डेस्कटॉपर एप्लिकेशन के लिए है।
इसके बाद यूजर को गूगल क्रोम के एक्सटेंशन 'ब्लैकव्हाट्स' इंस्टॉल करना होता है। ख़ास बात ये है कि ये फ़र्ज़ी वेबसाइट सिर्फ़ मोबाइल पर खुलती है। इसे पिशिंग कहा जाता है और इसका मक़सद टेलीफ़ोन या ईमेल के ज़रिए यूजर्स का निजी डेटा चुराना होता है।
इस फ़र्जीवाड़े में फंसने से कैसे बचें?
वेब एड्रेस को अच्छी तरह जाँच लें- .org इस बात की गारंटी नहीं है कि ये वेबसाइट आधिकारिक ही होगी. इसलिए इसे खोलते वक्त सावधानी बरतें।
संदिग्ध एक्सटेंशन को डाउनलोड न करें
इसे दूसरे लोगों के साथ साझा करने के लिए मजबूर करने का संदेश मिलते ही चौकन्ने हो जाएं.