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यंग इंडिया केस- सोनिया गांधी, ऑस्कर फर्नांडीज उच्च न्यायालय पहुंचे, अब 16 को होगी सुनवाई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 14 Aug 2018 02:01 PM IST
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सोनिया गांधी, राहुल गांधी
कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी नेता ऑस्कर फर्नांडीज ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर करके यंग इंडिया-नैशनल हेरल्ड लेनदेन आकलन को आयकर विभाग द्वारा फिर से खोलने को चुनौती दी है। सोनिया गांधी और फर्नांडीज द्वारा अलग-अलग दाखिल याचिकाओं पर आज सुनवाई हुई। इन्हें जस्टिस एस रवींद्र भट और जस्टिस ए के चावला की पीठ के सामने सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। हालांकि इस मामले में अभी कोई फैसला नहीं आया है और अब इस केस की सुनवाई 16 अगस्त को होगी।
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा दायर इसी तरह की याचिका को भी इसी पीठ के सामने आज सुनवाई के लिए रखा गया है। अदालत ने 8 अगस्त को राहुल की याचिका को उस समय 14 अगस्त यानी आज सुनवाई के लिए रख दिया था जब अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत द्वारा किसी तरह का अंतरिम आदेश जारी करने का विरोध किया था।
हाई कोर्ट बेंच ने राहुल के वकीलों द्वारा अदालत की कार्यवाही के प्रकाशन या रिपोर्टिंग से मीडिया को रोकने के मौखिक अनुरोध को भी खारिज कर दिया था। कर विभाग के अनुसार, राहुल गांधी के वर्ष 2011-12 के कर आकलन को फिर से खोलने का फैसला किया गया क्योंकि उन्होंने उसमें यह जानकारी नहीं दी कि वह 2010 से कंपनी 'यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' के निदेशक थे। विभाग के अनुसार, राहुल की यंग इंडिया में जितनी शेयर हिस्सेदारी है उसके मुताबिक उनकी आय 154 करोड़ रुपये होती है न कि 68 लाख रुपये जैसा कि पहले आकलन किया गया।
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आयकर विभाग तात्कालिक मामले में आयकर कानून की धारा 147 को लागू करता है। इस धारा के तहत उस आय को कर नेट में लाया जाता है जो कि वास्तविक आकलन के दौरान शामिल नहीं थी। कर विभाग पहले ही यंग इंडिया को आकलन वर्ष 2011-12 के लिए 249.15 करोड़ रुपये का मांग नोटिस जारी कर चुका है।
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इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा दायर इसी तरह की याचिका को भी इसी पीठ के सामने आज सुनवाई के लिए रखा गया है। अदालत ने 8 अगस्त को राहुल की याचिका को उस समय 14 अगस्त यानी आज सुनवाई के लिए रख दिया था जब अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत द्वारा किसी तरह का अंतरिम आदेश जारी करने का विरोध किया था।
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हाई कोर्ट बेंच ने राहुल के वकीलों द्वारा अदालत की कार्यवाही के प्रकाशन या रिपोर्टिंग से मीडिया को रोकने के मौखिक अनुरोध को भी खारिज कर दिया था। कर विभाग के अनुसार, राहुल गांधी के वर्ष 2011-12 के कर आकलन को फिर से खोलने का फैसला किया गया क्योंकि उन्होंने उसमें यह जानकारी नहीं दी कि वह 2010 से कंपनी 'यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' के निदेशक थे। विभाग के अनुसार, राहुल की यंग इंडिया में जितनी शेयर हिस्सेदारी है उसके मुताबिक उनकी आय 154 करोड़ रुपये होती है न कि 68 लाख रुपये जैसा कि पहले आकलन किया गया।
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आयकर विभाग तात्कालिक मामले में आयकर कानून की धारा 147 को लागू करता है। इस धारा के तहत उस आय को कर नेट में लाया जाता है जो कि वास्तविक आकलन के दौरान शामिल नहीं थी। कर विभाग पहले ही यंग इंडिया को आकलन वर्ष 2011-12 के लिए 249.15 करोड़ रुपये का मांग नोटिस जारी कर चुका है।