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NMC: उत्तर भारत की बाढ़ में मदद करेंगे युवा डॉक्टर, एनएमसी ने सभी मेडिकल कॉलेजों को जारी किया आदेश

Mon, 08 Sep 2025 08:03 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Mon, 08 Sep 2025 08:03 AM IST
सार

एनएमसी के पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड (पीजीएमईबी) ने जारी आदेश में कहा है कि उत्तरी भारत के कई राज्यों में आई हालिया बाढ़ और आपदा जैसी परिस्थितियों के बीच चिकित्सा सेवाओं की भारी मांग है। ऐसे में पीजी छात्रों की तैनाती न केवल स्थानीय लोगों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएगी, बल्कि इन छात्रों को डिजास्टर रेस्पॉन्स, पब्लिक हेल्थ मैनेजमेंट और सामुदायिक सेवा जैसे क्षेत्रों में प्रत्यक्ष प्रशिक्षण भी मिलेगा। 

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Young doctors to provide health services in flood affected areas from Delhi to Punjab and Himachal Pradesh
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला प्रिंट

विस्तार

दिल्ली से लेकर पंजाब और हिमाचल प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में युवा डॉक्टर स्वास्थ्य सेवाएं देंगे। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) ने सभी मेडिकल कॉलेजों को जारी आदेश में कहा है कि उत्तर भारत के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल पोस्ट-ग्रेजुएट (पीजी) मेडिकल छात्रों की तैनाती की जाए। यह तैनाती डिस्ट्रिक्ट रेजीडेंसी प्रोग्राम (डीआरपी) के तहत की जाएगी, ताकि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा सके और युवा डॉक्टरों को आपदा प्रबंधन का व्यावहारिक अनुभव भी मिल सके।

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एनएमसी के पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड (पीजीएमईबी) ने जारी आदेश में कहा है कि उत्तरी भारत के कई राज्यों में आई हालिया बाढ़ और आपदा जैसी परिस्थितियों के बीच चिकित्सा सेवाओं की भारी मांग है। ऐसे में पीजी छात्रों की तैनाती न केवल स्थानीय लोगों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएगी, बल्कि इन छात्रों को डिजास्टर रेस्पॉन्स, पब्लिक हेल्थ मैनेजमेंट और सामुदायिक सेवा जैसे क्षेत्रों में प्रत्यक्ष प्रशिक्षण भी मिलेगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह तैनाती छात्रों की अनिवार्य रेजिडेंसी ट्रेनिंग का हिस्सा मानी जाएगी।
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मेडिकल शिक्षा व आपदा प्रबंधन को जोड़ने वाला अहम कदम
एनएमसी का यह फैसला मेडिकल शिक्षा और आपदा प्रबंधन को जोड़ने वाला एक अहम कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में देश की स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूती प्रदान करेगा। इस कदम से प्रभावित क्षेत्रों में तात्कालिक स्वास्थ्य संकट का समाधान तो होगा ही, साथ ही भविष्य के डॉक्टरों की आपदा प्रबंधन क्षमता भी विकसित होगी।

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परिस्थितियों के आधार पर छात्रो को दे तैनाती
राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के नोडल अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे स्थानीय जरूरतों और परिस्थितियों के आधार पर पीजी छात्रों की पोस्टिंग सुनिश्चित करें। दरअसल गृह मंत्रालय ने हाल ही में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की अपील की।

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