फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   election-commission-row-cec-gyanesh-kumar-unilateral-decisions-supreme-court-pil-petition-sir

चुनाव आयोग विवाद: ज्ञानेश कुमार पर एकतरफा फैसलों का आरोप, सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल; लगे ये आरोप

Mon, 28 Sep 2026 01:47 PM IST
देवेश त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: देवेश त्रिपाठी Updated Mon, 28 Sep 2026 01:47 PM IST
सार

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि चुनाव आयोग के नाम पर कुछ फैसले दोनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी के बिना लिए गए। याचिकाकर्ता राकेश कुमार सिंह ने क्वो वारंटो रिट की मांग करते हुए कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव आयोग की शक्तियां सामूहिक हैं।

विज्ञापन
election-commission-row-cec-gyanesh-kumar-unilateral-decisions-supreme-court-pil-petition-sir
याचिका में चुनाव आयुक्तों की मंजूरी के बिना फैसले लेने का दावा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि चुनाव आयोग के नाम पर ऐसे फैसले लिए जा रहे हैं, जिन्हें चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की मंजूरी हासिल नहीं है।
विज्ञापन


याचिका में क्वो वारंटो रिट जारी करने की मांग की गई है। इसके जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त से यह बताने को कहा गया है कि उन्होंने किस अधिकार के तहत ऐसी शक्तियों का इस्तेमाल किया और अब भी कर रहे हैं, जो संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव आयोग को सामूहिक रूप से हासिल हैं।
विज्ञापन


याचिका में चुनाव आयोग पर किस गड़बड़ी के लगाए गए आरोप?
चुनाव आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त और दो चुनाव आयुक्त होते हैं। फिलहाल ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त हैं, जबकि सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी चुनाव आयुक्त हैं। तीनों के बीच किसी मुद्दे पर सहमति नहीं बनने की स्थिति में फैसला बहुमत के आधार पर किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


राकेश कुमार सिंह की ओर से दायर याचिका में चुनाव आयोग की शक्तियों के “धीरे-धीरे केंद्रीकरण” का आरोप लगाया गया है। इसमें एजेंडे और बैठकों के कार्यवृत्त जारी करने में देरी या उनके अभाव, मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रियाओं में बदलाव और दोनों चुनाव आयुक्तों की जानकारी या मंजूरी के बिना अपील दायर करने जैसे आरोप लगाए गए हैं।

याचिका में उठाए गए क्या सवाल?
याचिका में कहा गया है कि हालिया मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, चुनाव आयोग ने ऐसे कई फैसले लिए जिन पर दोनों चुनाव आयुक्त सहमत नहीं थे। याचिका में मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त अधिनियम, 2023 का भी जिक्र किया गया है। इसके मुताबिक, जहां तक संभव हो, चुनाव आयोग का काम सर्वसम्मति से किया जाना चाहिए। अगर मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त किसी मामले पर अलग-अलग राय रखते हैं तो फैसला बहुमत की राय के आधार पर किया जाना चाहिए।

याचिका के अनुसार, 28 अक्टूबर 2025 से 14 अगस्त 2026 के बीच दोनों चुनाव आयुक्तों ने चुनाव आयोग की मंजूरी के बिना आयोग के नाम पर उठाए गए कदमों को लेकर कम से कम 14 अलग-अलग आपत्तियां दर्ज की थीं। याचिका में कहा गया है, “अगर संविधान के तहत बहुसदस्यीय निकाय के रूप में चुनाव आयोग को दी गई शक्ति का इस्तेमाल वास्तव में या व्यवहार में उसके भीतर मौजूद एक पद द्वारा, संविधान और 2023 के कानून के तहत जरूरी अन्य सदस्यों की भागीदारी के बिना किया जा सकता है, तो मतदाता सूची में कौन शामिल होगा और इसलिए कौन मतदान कर सकेगा, यह तय करने वाले फैसले इस गंभीर संवैधानिक सवाल को जन्म देते हैं कि क्या ऐसे फैसले उसी संवैधानिक प्राधिकरण द्वारा लिए जा रहे हैं, जिसे संविधान ने इस उद्देश्य के लिए बनाया है।”

सीईसी से अधिकार का आधार बताने की मांग
याचिका में क्वो वारंटो रिट के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त से इन फैसलों के लिए उनके अधिकार का आधार बताने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि अगर यह पाया जाता है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने 2023 के अधिनियम की धारा 18 के तहत आयोग के उचित फैसले के बिना चुनाव आयोग की सामूहिक शक्ति का इस्तेमाल किया या अब भी कर रहे हैं, तो ऐसे अधिकार के इस्तेमाल को अमान्य घोषित किया जाना चाहिए।


एसआईआर को भी चुनौती
याचिका में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और एसआईआर के तहत की गई सभी कार्रवाइयों, फैसलों, निर्देशों तथा उनसे जुड़े कदमों को शुरू से ही शून्य और कानूनी अधिकार के बिना घोषित करने की मांग की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed