{"_id":"58d05d394f1c1b2f4f1a14b3","slug":"yogi-adityanath-effect-business-of-meat-is-decreasing-in-uttar-pradesh","type":"story","status":"publish","title_hn":"योगी इफेक्ट: यूपी में बूचड़खानों पर लगाम, घट रहा है मीट का कारोबार","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
योगी इफेक्ट: यूपी में बूचड़खानों पर लगाम, घट रहा है मीट का कारोबार
ब्यूरो/ अमर उजाला, इलाहाबाद/ मेरठ/ आगरा/बरेली
Updated Tue, 21 Mar 2017 09:25 AM IST
विज्ञापन
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चुनावी घोषणा पत्र में भाजपा ने उत्तर प्रदेश में अवैध बूचड़खानों को बंद कराने की बात कही थी। इसका असर सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही दिखने लगा है। प्रदेश में अधिकांश क्षेत्रों में अवैध बूचड़खानों में तालाबंदी होनी शुरू हो गई है।
मालूम हो कि प्रदेश में 250 से ज्यादा अवैध बूचड़खाने चिह्नित हैं। जिन्हें नगर निगम और संबंधित विभाग के अफसर कागज पर बंद बता रहे हैं। वास्तविकता यह है कि इन बूचड़खानों में रोज सैकड़ों जानवर काटे जाते हैं। प्रदेश में नई सरकार के गठन के तुरंत बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बूचड़खानों (स्लाटर हाउस) को बंद करने की घोषणा से सकते में आए इलाहाबाद नगर निगम प्रशासन ने रविवार रात करेली पुलिस की मौजूदगी में अटाला और नैनी के चकदोंदी मोहल्ले में मानक के विपरीत चल रहे स्लाटर हाउस को सील कर दिया।
शहर में अटाला के साथ रामबाग और नैनी के बूचड़खानों को बंद करने का आदेश एनजीटी पहले ही दे चुका है। सोमवार को स्लाटर हाउस बंद करने की कार्रवाई से नाराज लोगों ने नगर निगम प्रशासन को कोसा। लोगों का कहना था कि एनजीटी के आदेश पर यदि बूचड़खाने बंद किए गए तो वहां काम कैसे हो रहा था। जानकारी के मुताबिक 90 की क्षमता के विपरीत अटाला स्लाटर हाउस में तीन सौ से अधिक जानवर रोज काटे जाते हैं।
विज्ञापन
मेरठ में लगातार दूसरे दिन सोमवार को पशु कटान बुरी तरह प्रभावित रहा। मीट फैक्ट्रियों में कटान बंद रहा। वहीं शहर में अधिकांश मीट की दुकानें बंद रहीं। इस काम से जुड़े करीब पांच हजार लोग हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे।
आगरा में भी मीट का कारोबार में गिरावट दर्ज की गई है। वित्तीय वर्ष 2016-17 में आगरा शहर में करीब 239 मीट का दुकानों का पंजीकरण किया था लेकिन वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए लाइसेंसों की संख्या लगभग आधी हो गई है। नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक यहां करीब 127 लाइसेंस धारकों ने लाइसेंस का नवीनीकरण कराया है। इस वर्ष एक भी नए लाइसेंस का आवेदन नहीं किया गया है।
मैनपुरी में शहर के आसपास के इलाकों में चोरी छिपे पशुओं का कटान होता है। यहां कोई बड़ा स्लाटर हाउस नहीं है। भाजपा की सरकार के गठन के बाद भी पशुओं के कटान में कुछ कमी आई है। हालांकि इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। फिरोजाबाद में शहर के विभिन्न क्षेत्र में चोरी छुपे चल रहे 40 प्रतिशत कट्टीघरों पर सोमवार को सन्नाटा नजर आया। अवैध रूप से चल रही कई पशु वधशालाएं बंद हुईं। कासगंज और एटा में प्रदेश सरकार के यांत्रिक कत्ल खानों को बंद करने के निर्देश जारी होने से पहले ही पुलिस प्रशासन खुद अलर्ट हो चुका है। एसपी ने थानेदारों से इसका ब्योरा तलब किया है। चेताया है कि गोवंशीय पशुओं के कत्ल पर आरोपियों के खिलाफ रासुका लगेगी।
उधर बरेली मंडल में गोकशी और गो तस्करी थम गई है। अवैध स्लाटर हाउस बंद नहीं हुए हैं लेकिन कमी आई है। पीपीपी माडल पर बरेली का बूचड़खाना तैयार है, जिसे अप्रैल के पहले सप्ताह से शुरू कराने की तैयारी की जा रही है।कमिश्नर प्रमांशु कुमार ने मंडल के सभी डीएम, एसएसपी को अवैध बूचड़खानों के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
मालूम हो कि प्रदेश में 250 से ज्यादा अवैध बूचड़खाने चिह्नित हैं। जिन्हें नगर निगम और संबंधित विभाग के अफसर कागज पर बंद बता रहे हैं। वास्तविकता यह है कि इन बूचड़खानों में रोज सैकड़ों जानवर काटे जाते हैं। प्रदेश में नई सरकार के गठन के तुरंत बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बूचड़खानों (स्लाटर हाउस) को बंद करने की घोषणा से सकते में आए इलाहाबाद नगर निगम प्रशासन ने रविवार रात करेली पुलिस की मौजूदगी में अटाला और नैनी के चकदोंदी मोहल्ले में मानक के विपरीत चल रहे स्लाटर हाउस को सील कर दिया।
विज्ञापन
शहर में अटाला के साथ रामबाग और नैनी के बूचड़खानों को बंद करने का आदेश एनजीटी पहले ही दे चुका है। सोमवार को स्लाटर हाउस बंद करने की कार्रवाई से नाराज लोगों ने नगर निगम प्रशासन को कोसा। लोगों का कहना था कि एनजीटी के आदेश पर यदि बूचड़खाने बंद किए गए तो वहां काम कैसे हो रहा था। जानकारी के मुताबिक 90 की क्षमता के विपरीत अटाला स्लाटर हाउस में तीन सौ से अधिक जानवर रोज काटे जाते हैं।
विज्ञापन
मेरठ में लगातार दूसरे दिन सोमवार को पशु कटान बुरी तरह प्रभावित रहा। मीट फैक्ट्रियों में कटान बंद रहा। वहीं शहर में अधिकांश मीट की दुकानें बंद रहीं। इस काम से जुड़े करीब पांच हजार लोग हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे।
आगरा में भी मीट का कारोबार में गिरावट दर्ज की गई है। वित्तीय वर्ष 2016-17 में आगरा शहर में करीब 239 मीट का दुकानों का पंजीकरण किया था लेकिन वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए लाइसेंसों की संख्या लगभग आधी हो गई है। नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक यहां करीब 127 लाइसेंस धारकों ने लाइसेंस का नवीनीकरण कराया है। इस वर्ष एक भी नए लाइसेंस का आवेदन नहीं किया गया है।
मैनपुरी में शहर के आसपास के इलाकों में चोरी छिपे पशुओं का कटान होता है। यहां कोई बड़ा स्लाटर हाउस नहीं है। भाजपा की सरकार के गठन के बाद भी पशुओं के कटान में कुछ कमी आई है। हालांकि इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। फिरोजाबाद में शहर के विभिन्न क्षेत्र में चोरी छुपे चल रहे 40 प्रतिशत कट्टीघरों पर सोमवार को सन्नाटा नजर आया। अवैध रूप से चल रही कई पशु वधशालाएं बंद हुईं। कासगंज और एटा में प्रदेश सरकार के यांत्रिक कत्ल खानों को बंद करने के निर्देश जारी होने से पहले ही पुलिस प्रशासन खुद अलर्ट हो चुका है। एसपी ने थानेदारों से इसका ब्योरा तलब किया है। चेताया है कि गोवंशीय पशुओं के कत्ल पर आरोपियों के खिलाफ रासुका लगेगी।
उधर बरेली मंडल में गोकशी और गो तस्करी थम गई है। अवैध स्लाटर हाउस बंद नहीं हुए हैं लेकिन कमी आई है। पीपीपी माडल पर बरेली का बूचड़खाना तैयार है, जिसे अप्रैल के पहले सप्ताह से शुरू कराने की तैयारी की जा रही है।कमिश्नर प्रमांशु कुमार ने मंडल के सभी डीएम, एसएसपी को अवैध बूचड़खानों के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन